रांची: नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ के लिए राहुल गांधी को आज नई दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय बुलाये जाने के खिलाफ देशभर में कांग्रेस के कार्यकर्त्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में भी पार्टी कार्यकर्त्ताओं ने बैनर-पोस्टर के साथ विरोध किया। कांग्रेस का कहना है कि धन शोधन मामले में राहुल गांधी को भेजा गया ईडी का सम्मन निराधार है और ए्रेसा प्रतीत होता है कि भाजपा नेता या पार्टी द्वारा शासित राज्य इस जांच एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि जितने वक्त तक ईडी राहुल गांधी को पूछताछ के लिए कार्यालय में रोकेगी, कांग्रेस का धरना उतने वक्त तक जारी रहेगा। पार्टी मुख्यालय में हो रहे इस धरना-प्रदर्शन में प्रदेश के कई नेता, महिला विंग, सेवा दल के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
राजेश ठाकुर ने कहा है कि ईडी जिस तरह से काम कर रही है, वह ठीक नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय एक स्वतंत्र एंजेसी है. स्वतंत्र एजेंसी को बिना किसी दबाव के कोई काम करना चाहिए. उसे गुलाम की तरह नहीं बल्कि न्यायसंगत तरीके से काम करना चाहिए। राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश हमेशा संवैधानिक मूल्यों के दायरे में रहकर जबाव देने में विश्वास करती है। इसी कड़ी में आज प्रदेश के सभी जिलों मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया है। राजेश ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक उद्देश्य से किये जा रहे कामों को हम सही नहीं ठहरा सकते. जब-जब भाजपा को हमारी राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी और हमारे नेता राहुल गांधी से डर प्रतीत होता है, तब-तब भाजपा इस तरह की राजनीति करती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन को भाजपा एक चेतावनी भी समझे.झारखंड में पिछले दिनों से चल रहे ईडी की कार्रवाई को लेकर राजेश ठाकुर ने कहा, पहले यह खबर आयी कि जांच में ईडी को 25 करोड़ रूपये मिले। फिर खबर आयी कि 19 करोड़ मिले. फिर ईडी के डिप्टी डायरेक्टर का तबादला कर दिया गया. इससे साफ है कि ईडी खुद अन्तर्द्वन्द्व में है कि वह सही कर रही है या गलत. इससे यह भी संदेह पैदा करता है कि ईडी राजनीतिक दबाव के तहत काम कर रही है।

