रांचीः एचईसी की आर्थिक हालत दिनों दिन खराब होती जा रही है। वहीं गुरूवार को कंपनी प्रबंधन के खिलाफ एचईसी कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया। कंपनी में कामगारों और मजदूरों का करीब साढ़े चार महीने का वेतन बकाया है। हालत ये है कि कर्मचारियों के घर खाने पीने की समस्या खड़ी हो गयी है। कर्मचारी बता रहे हैं कि पहले वेतन नहीं मिलने पर आस पड़ोस के दुकानदार उन्हें उधार राशन दे देते थे। मगर अब हालत ऐसी है कि उन्होंने भी राशन देने से मना कर दिया है। बच्चों की स्कूल फीस नहीं भरने के कारण उन्हें आनलाइन क्लास से निकाल दिया गया है। ऐसे में अब प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। हटिया मजदूर यूनियन सीटू अध्यक्ष के नेता भवन सिंह ने बताया कि कई मजदूरों के घर में खाने का एक दाना नहीं है। किसी रिश्तेदार की मदद या आस पड़ोस की दया से जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसी दयनीय स्थिति में भी केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मदद नहीं मिल रहा है। ऐसे में कंपनी के सभी मजदूर यूनियनों ने मिलकर- पेरिविजन कराओ-मजदूर बचाओ, एचईसी बचाओ-मजदूर बचाओ, देश का स्वाभिमान बचाओ अभियान की शुरूआत की है। उन्होंने मजदूरों से आह्वान किया गया कि यदि पे रिवीजन नहीं कराया गया तो मजदूर इस बढ़ती मंहगाई की मार झेल नहीं सकेंगे। प्रबंधन के अक्षमता का आलम यह है कि मजदूरों का चार और ओफिसरो का पांच महीना का वेतन बकाया हो गया है। सरकार की उदासीनता यह कि न तो कार्यशील पूंजी दे रही है और नहीं डिफ़ेंस को ही हैंड ओवर कर रही हैं। इस सरकार से 20 माह बीतने के बाद भी एक चेयरमैन तक बहाल नहीं कर पा रही है। जो चेयरमैन हैं वो भी नाम के ही है। ऐसे में मजदूर 9 अगस्त को एक वृह्द प्रदर्शन का आयोजन करेंगे। इसके बाद भी अगर सरकार नहीं जागी तो बड़े स्तर पर मजदूर अपनी बात रखने के लिए कड़ा कदम उठाने को स्वतंत्र होगे।

