झारखंड कैडर के 1990 बैच के आइपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को राज्य सरकार ने 26 महीने के बाद निलंबन मुक्त कर दिया है। उन्हें राज्य सरकार ने 14 फरवरी 2020 को निलंबित किया था। उनपर राज्यसभा चुनाव में एक पार्टी विशेष के पक्ष में वोट देने के लिए बड़कागांव की तत्कालीन विधायक को धमकाने का आरोप था। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी चली थी, जिसमें उन्हें क्लीनचिट मिल गई थी।गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार निलंबन अवधि के संबंध में उनके विरुद्ध संचालित विभागीय कार्रवाई के फलाफल के आधार पर सरकार आगे का निर्णय लेगी। फिलहाल, उन्हें विभाग में योगदान देने का आदेश जारी किया गया है।
कैट ने दिया था निलंबन मुक्त करने का आदेश
सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने एडीजी अनुराग गुप्ता मामले में सुनवाई के बाद राज्य सरकार को निलंबन वापस लेने का आदेश जारी किया था। कैट ने एडीजी अनुराग गुप्ता के पक्ष में फैसला में लिखा था कि राज्य सरकार किसी को भी नियमानुसार दो साल से अधिक समय तक निलंबित नहीं रख सकती है। एडीजी अनुराग गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय व राज्य सरकार से भी निलंबन वापस लेने का आग्रह किया था।

