राज्य के इकलौते हजारीबाग स्थित खुली जेल में अब वैसे सभी नक्सली भी भेजे जाएंगे, जो पुलिस-प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद से विभिन्न जेलों में बंद हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर एक कमेटी गठित की गई है जो वैसे नक्सलियों की स्क्रीनिंग कर उन्हें खुली जेल में सपरिवार रहने की स्वीकृति देगी। राज्य की विभिन्न जेलों में बंद ऐसे उग्रवादियों की संख्या करीब 50 है। वैसे नक्सली खुली जेल में जाएंगे, जो पुलिस-प्रशासन के प्रति सकारात्मक विचार रखते हैं और जेल में रहने के दौरान उनका बेहतर आचरण रहा है। वर्तमान में खुली जेल में 30 कैदी सपरिवार रह रहे हैं। इनमें चार सामान्य कैदी व 26 आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली-उग्रवादी हैं, जो विचाराधीन बंदी हैं। खुली जेल परिसर में 100 काटेज हैं। इसमें 100 कैदियों के सपिरवार रहने की क्षमता है। प्रत्येक काटेज में सिंगल बेडरूम, किचन व आंगन है।

