रांची : झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी जिला मुख्यालय में जुलूस निकालने को लेकर दो गुटों के बीच मंगलवार को हुए पथराव के बाद लोगों में तनाव बना हुआ है. बुधवार को एक बार फिर पथराव होने के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही, शहर में आरएएफ के अतिरिक्त जवानों को भी तैनात कर दिया गया है.
खूंटी में मंगलवार की शाम को एक धार्मिक जुलूस पर किए गए पथराव के मामले में रांची जोन के आईजी पंकज कंबोज ने बुधवार को समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि हालात को देखते हुए शहर में आएएफ के अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के अपराधियों की पहचान की जा रही है और उन पर मामला भी दर्ज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है. उन्होंने यह भी कहा कि शहर में शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखने के लिए शांति समिति के साथ बैठक आयोजित की जाएगी.
दरअसल हुआ यूं कि बीती रात श्रीरामनवमी महोत्सव के तहत अपने परंपरागत मार्ग आजाद रोड से गुजर रहे मंगलवारी जुलूस पर समुदाय विशेष के लोगों द्वारा पथराव करने की घटना घटी थी। इसके बाद देर रात तक जिला मुख्यालय में तनाव की स्थिति व्याप्त हो गई थी। घटना से आक्रोशित अखाड़ा समिति के सदस्यों ने आजाद रोड के मुहाने पर पत्थरबाजी करने वाले असमाजिक तत्वों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग पर मुख्य पथ पर जमा हो गए। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने दिन के 12 बजे तक दोषियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी अखाड़ा समिति के सदस्य यह कहते हुए माने कि गिरफ्तारी होने तक जिला मुख्यालय का बाजार बंद रहेगा। इसी के तहत बुधवार की सुबह बड़ी संख्या में विभिन्न अखाड़ा के सदस्य और हिंदू संगठनों के सदस्य सड़क पर उतर कर दुकान बंद कराने लगे। इस दौरान लोग जुलूस की शक्ल में भगत सिंह चौक से नेताजी चौक होते हुए कर्रा रोड शिवाजी चौक से भट्टी रोड की ओर गए। भट्टी रोड से जुलूस जैसे ही गुजर रहा था। सड़क किनारे घरों के छत पर पहले से तैनात लोगों ने जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद जुलूस में भगदड़ मच गया। बताया जा रहा है कि छतों पर महिला, पुरुष, बच्चे व बुजुर्ग सभी पहले से पत्थर लिए तैनात थे। इसके बाद जुलूस में शामिल लोग जान बचाकर शिवाजी चौक पहुंचे। यहां भी पथराव होने लगा। इसके बाद दोनों ओर से करीब एक घंटे तक पथराव होता रहा। इस दौरान जुलूस के साथ चल रहे खूंटी थाना प्रभारी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग करते रहे। पुलिस बल के पहुंचने के बाद हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया गया। फिलहाल जिला मुख्यालय के विभिन्न स्थानों में पुलिस बल की तैनाती कर दिया गया है।
तोरपा थाना परिसर में धरना पर बैठे विधायक कोचे मुंडा
उधर, बाजार बंद कराने निकले लोगों में से दो को पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने के बाद तोरपा में भी तनाव की स्थिति बन गई है। दोनों को छोड़ने की मांग पर तोरपा विधायक कोचे मुंडा समेत विभिन्न अखाड़ा समिति, हिंदू संगठन और अन्य ग्रामीण तोरपा थाना परिसर स्थित चबूतरा में धरने पर बैठ गए हैं। तोरपा थाना प्रभारी मुन्ना कुमार ने विधायक समेत धरना दे रहे लोगों से अपना आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि थाना लाए गए दोनों व्यक्ति को तीन बजे के बाद छोड़ दिया जाएगा। वहीं विधायक कोचे मुंडा दोनों को अपने साथ ले जाने की जिद पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि क्या कसूर है कि दोनों को थाना में इस तरह अपराधियों जैसा बैठा कर रखा गया है। पकड़े गए लोगों में तोरपा बाजारटांड के उमाकांत साव और तोरपा मेला टांड के जयंत कुमार गुप्ता शामिल हैं। दोनों को तोरपा थाना की पुलिस उनके घर से उठाकर थाना लाई है। फिलहाल तोरपा के विधायक कोचे मुंडा समर्थकों के साथ थाना परिसर स्थित चबूतरा में धरने पर बैठे हैं।
DC ने शांति बनाने की अपील की
वही इस मामले में डीसी शशि रंजन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. साथ ही ड्रोन कैमरे से निगरानी की बात कही है. कहा कि पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के बाद स्थिति नियंत्रण में है. उन्होंने जिला वासियों से सहयोग की अपील की है, ताकि क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे.

