प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) सुप्रीमो दिनेश गोप का करीबी और संगठन में छोटा नागपुर रीजनल कमेटी के कमांडर का पद संभाल रहे लाका पाहन को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। मुरहू थाना क्षेत्र के इंदीपीडी पंचायत के कोटा गांव के पास जंगल में बुधवार की सुबह सुरक्षा बलों के साथ उग्रवादी संगठन की मुठभेड़ हुई। इस दौरान 60 राउंड से अधिक गोलियां चलीं। इसमें लाका पाहन मारा गया, हालांकि दस्ते के दूसरे सदस्य फरार होने में सफल रहे।
जानकारी के अनुसार, कोटा गांव में मंगलवार को मंडा पूजा का आयोजन किया गया था। मेला में रात को लाका पाहन अपने दस्ते के साथ छऊ नाच देखने पहुंचा था। इसकी जानकारी पुलिस को भी मिली। जानकारी पुख्ता करने के बाद पुलिस ने भी अपनी रणनीति बनाई और जाल बिछा कर उसे मार गिराया।
PLFI में जीदन गुड़िया के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद लाका पाहन का पद बढ़ गया था। लाका पाहन पुलिस के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। इसके खिलाफ खूंटी जिले के अलावा पश्चिम सिंहभूम, रांची, सिमडेगा समेत अन्य स्थानों में 40 से अधिक मामले दर्ज थे।
पहले सब जोनल कमांडर के रूप में इस उग्रवादी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। वर्तमान पद के अनुसार, उस पर इनाम की राशि बढ़ाने की तैयारी ही चल रही थी। वर्तमान पद के अनुसार,अगर इनाम रखा जाता तो उस पर 15 लाख रुपये का होता, क्योंकि रीजनल कमांडर के लिए राज्य सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
बुधवार की सुबह झारखंड पुलिस की स्मॉल एक्शन टीम (सैट) के साथ मुरहू थाना प्रभारी व उनकी टीम कोटा इंडीपीडी में सर्च अभियान चला रही थी। इसी दौरान उग्रवादियों की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। लाका पाहन AK-47 लेकर चलता था। हालांकि मौके से एक देशी हथियार बरामद हुआ है। मौके पर खूंटी के SP झारखंड जगुआर के जवानों के साथ पहुंच गए हैं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की दिशा-निर्देश के अनुसार उग्रवादी के शव की वीडियोग्राफी सहित पंचनामा की पूरी कार्रवाई की जा रही है।

