जामताड़ा : कल जामताड़ा के बराकर नदी में नाव पलटने करीब 20 से 25 लोग लापता हो गये थे. जिसकी खोजबीन के लिए जामताड़ा उपायुक्त फैज अल अहमद के नेतृत्व में जामताड़ा व धनबाद जिला प्रशासन की एक संयुक्त टीम बनायी गई है.
इस टीम में जामताड़ा के एसपी, निरसा के एसडीपीओ, जामताड़ा एसडीएम सहित अन्य शामिल हैं. रात को ही एनडीआरएफ की टीम देवघर के वीरगांव श्यामपुर घाट पहुंचकर लापता लोगों का खोजबीन प्रारंभ किया. हालांकि रात में बारिश के कारण ज्यादा देर तक खोजबीन सुचारू रूप से नहीं हो सकी. जिसके बाद आज सुबह दोबारा से जिला प्रशासन, डीवीसी मैथन एवं एनडीआरएफ की टीम 20 बोर्ट एवं नाव से पूरे नदी में लापता लोगों की खोजबीन करने में लगे हुए हैं.
इसके लिए स्थानीय नाव चालकों, मत्स्य पालकों का भी सहयोग लिया जा रहा है. मछली का जाल डाल कर भी लोग खोजबीन कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक नदी में डूबे हुए एक दो बाईक मिलने की बात सामने आ रही. हालांकि प्रशासन ने इस बात की अधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं की है. नदी के दोनों तरफ हजारों की भीड़ जुटी हुई है. लेकिन 18 घंटे बीत जाने के बाद भी किसी का पता नहीं चल सका है इससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है.
4 भागों में विभाजित है गोताखोरों की टीम
एनडीआरएफ के अलावा झारखंड-बंगाल के गोताखोरों को भी चार टीम बनायी गयी है. पूर्व विधायक अरूप चटर्जी, झामुमो नेता अशोक मंडल अपने कार्यकर्ताओं के साथ डेरा डाले हुए हैं.
संयुक्त टीम में निरसा एसडीपीओ, थानेदार भी शामिल
संयुक्त टीम में एसडीपीओ पीतांबर सिंह खरवार, निरसा थानेदार दिलीप यादव, निरसा सीओ सीओ नितिन शिवम गुप्ता नदी में गोताखोरों के साथ बीच नदी में घूम रहे हैं।

