झारखंड के रांची में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। गिरिडीह जिले के केंद्रीय कारा में अधीक्षक के पद पर तैनात राजमोहन राजन को नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिया गया है। मामला रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र का है। पीड़ित बच्ची आरोपी जेल अधीक्षक के दोस्त की बेटी है। मासूम की उम्र महज 13 वर्ष बताई जा रही है।
आरोप है कि शुक्रवार को लड़की के पिता ड्यूटी पर गए थे। वह घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी ने मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ की । लड़की के विरोध करने पर 500 रुपये देकर मामले को दबाने की कोशिश की। घटना की जानकारी देने में परिणाम भुगतने की धमकी दी। इस घटना के बाद लड़की इतनी डर गई कि उसने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दे दी। पड़ोसियों की सूचना पर पीड़िता के पिता घर पहुंचे।
इस के बाद परिवार ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि अब तक इस मामले में लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस ने मौखिक सूचना के आधार पर आरोपी को हिरासत में ले लिया है। जेल अधीक्षक का कहना है कि उन्हें फंसाया जा रहा है। घटना को लेकर इलाके के लोग भारी आक्रोश है। बताया जा रहा है कि जेल अधीक्षक का तुपुदाना इलाके के एक अपार्टमेंट में फ्लैट है। दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध रहे हैं।
इस कारण दोनों का एक दूसरे के घर आना जाना लगा रहता था। घटना के बाद पुलिस ने राजमोहन को हिरासत में लेकर थाने में रखा गया हुआ है। उनकी मेडिकल जांच कराई गई है। इसके अलावा पुलिस ने जेल प्रशासन को मामले की सूचना दे दी है। मामले की जानकारी पाकर जेल अधीक्षक की पत्नी और परिजन भी थाने पहुंचे। दावा किया जा रहा है कि जेल अधीक्षक के परिवार ने पीड़ित के पिता से माफी मांगी।
इस दौरान पत्नी रोती नजर आई। पुलिस सूत्र दावा कर रहे हैं कि पूछताछ में आरोपी जेल अधीक्षक ने अपनी गलती स्वीकार की है। आरोपी मूल रूप से पलामू का रहने वाला है। जेल अधीक्षक बनने से पहले वह रेलवे में लोको पायलट था। इसी दौरान पीड़िता के पिता से उनकी दोस्ती हुई थी।
जेल अधीक्षक की सफाई
जेल अधीक्षक ने मीडिया से कहा कि 15 दिन पहले मेरे बेटे के साथ दोस्त ने मारपीट की थी। इस बात को लेकर मैंने दोस्त को डांट-फटकार लगाई थी। इस के बाद साजिश रचकर मुझे फंसाया जा रहा है। रांची पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही मामला साफ होगा।

