रांची: कोरोना की सेकेंड वेव के मामले कम हो गए हैं. लेकिन अब कोरोना का डेल्टा प्लस वैरिएंट आ गया है. तेजी से इसका संक्रमण भी फैल रहा है. ऐसे में कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर झारखंड सरकार गंभीर है. अब डेल्टा प्लस से प्रभावित 12 राज्यों से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है. इतना ही नहीं अगर इन राज्यों से आने वाला कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसे सीधे कोविड सेंटर में एडमिट किया जाएगा.
24 घंटे के अंदर उसका सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए आइएलएस भुवनेश्वर भेजा जाएगा. जिससे कि यह पता लगाया जा सकेगा कि वह किस वैरिएंट से ग्रसित है. इसके अलावा तत्काल कांटैक्ट ट्रेसिंग कर संपर्क में आने वालों की तलाश कर उनकी भी जांच की जाएगी. जिससे कि थर्ड वेव की संभावना को कम किया जा सके.
इन राज्यों में मिल चुके है डेल्टा प्लस के मामले
महाराष्ट्र 22
तमिलनाडु 9
मध्य प्रदेश 7
केरल 3
पंजाब 2
गुजरात 2
आंध्रा प्रदेश 1
ओड़िशा 1
राजस्थान 1
जम्मू 1
हरियाणा 1
कर्नाटक 1
ये हैं कोरोना के नए लक्षण
खांसी
डायरिया
बुखार
सिर दर्द
स्किन रैश
ऊंगली का रंग बदलना
चेस्ट में दर्द
पेट में दर्द
भूख न लगना
60 परसेंट ज्यादा तेजी से फैलता है डेल्टा प्लस :
वायरस का डेल्टा वैरिएंट म्यूटेट होकर डेल्टा प्लस बन चुका है. जिसमें डेल्टा की तुलना में 60 परसेंट ज्यादा तेजी से फैलने का खतरा है. वहीं कुछ दवाओं का असर भी डेल्टा प्लस पर नहीं हो रहा है. हेल्थ डिपार्टमेंट इसे ड्रग रजिस्टेंट मान रहा है. जिससे कि एक्सपर्ट्स के साथ अधिकारियों की भी नींद उड़ गयी है.
अब डेल्टा प्लस को लेकर वर्तमान में लोगों को दी जा रही वैक्सीन की भी टेस्टिंग की जा रही है. जिससे पता चल सके कि यह वायरस पर कितनी कारगर है. चूंकि डेल्टा प्लस वैरिएंट के स्पाइक्स सीधे लंग्स में जाकर चिपक जाते हैं. जिससे कि मरीज की स्थिति खराब हो जाती है.
स्टेट से हर महीने 300 सैंपल भेजने का निर्देश
डेल्टा प्लस को लेकर केंद्र की तरफ से जारी किए गए निर्देश में हर महीने राज्य से 300 सैंपल होल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने को कहा गया है. आरटीपीसीआर में पॉजिटिव आए मरीजों के सैंपल को प्राथमिकता में रखना है. वहीं राज्य के 10 मुख्य साइटों से हर 15 दिन पर 15 सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना है.

