बोकारो: बोकारो के हरला थाना क्षेत्र स्थित भतुआ गांव में श्मशान घाट के पास रविवार को नहाने के दौरान दामोदर नदी की तेज धार में बहे तीन छात्रों में से एक का शव सोमवार को बरामद कर लिया गया। शव की पहचान सेक्टर-3 ई निवासी हर्ष राज के रूप में की गई। हर्ष का शव घटनास्थल से 13 किलोमीटर दूर महुदा स्थित बागड़ा के पास दामोदर नदी से ग्रामीणों ने निकाला। रविवार सुबह नहाने के दौरान दामोदर में डूबे तीनों बच्चों ने चार दिन पहले ही मौज-मस्ती की योजना बनाई थी। उनके साथ उनके 5 और साथी थे। सभी अलग-अलग बहाने बनाकर अपने घर से निकले थे।
इधर, घटनास्थल पर NDRF की टीम पहुंच गई है और सेक्टर- 9डी के बसंत कुमार और सेक्टर-12 बाघरायबेड़ा निवासी शुभम कुमार मिश्रा की तलाश में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, सुबह आठ बजे 8 बच्चे नहाने गए थे। बसंत तेज धार में बहने लगा तो उसे बचाने के लिए शुभम ने हाथ पकड़ा, लेकिन वह भी बहने लगा। इस पर हर्ष ने शुभम काे पकड़ा, पर वह भी तेज धार में बहने लगा। नदी किनारे खड़ा दोस्त नितिन उन्हें बचाने के लिए कूदा। हर्ष को पकड़ा, लेकिन उसका हाथ छूट गया। घटना के बाद नितिन समेत अन्य दोस्त घर लौटे और परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
हर्ष अपने घर का था इकलौता पुत्र, दोस्तों संग खेलने की कही थी बात
सेक्टर-3ई के आवास संख्या- 92 के रहने वाले दीपक प्रसाद का हर्ष राज इकलौता पुत्र था। वह एमजीएम स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। हाल में उसके पिता की तबीयत काफी खराब हो गई थी तो उनका इलाज वेल्लोर से करवाकर परिजन बोकारो लौटे थे। उसके बाद अपने गांव पलामू चले गए थे। हर्ष अपनी मां के साथ रहता था। सुबह में वह घर से यह कहते हुए निकला था कि अपने दोस्तों के साथ खेलने जा रहा है। कुछ घंटों में खेलकर वह वापस लौट आएगा, लेकिन करीब 9 बजे उसके नदी में डूबने की खबर मिली, तो परिजनों के होश उड़ गए।
चार साल पहले बसंत के पिता की हुई थी मौत, घटना से परिवार टूटा
चार साल पहले बसंत कुमार उर्फ भोलू के पिता अवधेश कुमार की मौत लंबी बीमारी के बाद हो गई थी। अभी बसंत अपनी मां और बड़े भाई हेमंत के साथ सेक्टर-9 डी के स्ट्रीट-36 के आवास संख्या 867 में रहता था। वह भी एमजीएम स्कूल में 12वीं का छात्र था। वह सुबह में अपने सेक्टर-6 में रहने वाले दोस्त से मिलने की बात कहते हुए अपने घर से निकला था। कुछ ही घंटों में उसके नदी में डूबने की बात की जानकारी पुलिस ने उसके परिजनों को करीब 10 बजे के आसपास दी। बसंत के चाचा धनंजय कुमार ने बताया कि हादसे के बाद पूरा परिवार टूट गया है।
सोए हुए थे घर के सभी लोग और बिना बताए निकल गया था शुभम
सेक्टर-12 के बाघरायबेड़ा में रहने वाले तारकेश्वर मिश्र का बड़ा पुत्र शुभम कुमार मिश्र भी एमजीएम स्कूल में 12वीं का छात्र था। रविवार सुबह बगैर बताए अपने घर से निकल गया था। वह जिस वक्त घर से निकला, उस समय घर के सभी लोग सोए हुए थे। इस बीच जब काफी देर तक नहीं लौटा, तो उसकी मां शोभा देवी ने शुभम को सुबह करीब 8 बजे फोन किया। कहा कि घर आधे घंटे में लौट आएगा। मां से कहा कि उसके पैर में घाव था, बगैर दवा लगाए ही निकल गया। लेकिन, इस बीच तारकेश्वर मिश्र के मोबाइल पर शुभम के फोन से उनके बेटे के डूबने की जानकारी मिली।

