पलामू: जिले में ब्लैक फंगस का पहला मरीज मिला है. मेदिनीनगर के सुदना इलाके के 45 वर्षीय युवक में इस बीमारी का पता चला है. जांच में पुष्टि होने के बाद मरीज को सर्जरी के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया. जिस मरीज में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है, वह 15 दिन पहले कोरोना संक्रमण से ठीक हुआ था.
मेदिनीनगर के ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ सुभाष कुमार ने बताया कि ब्लैक फंगस की बीमारी कोई नई नहीं है, लेकिन कोविड-19 के बाद खासकर दूसरी लहर में अब इसके लक्षण अधिकांश मरीजों में देखने को मिल रहे हैं. उन्होंने बताया कि सूदना निवासी 45 वर्षीय एक मरीज जो कुछ दिन पहले ही कोविड-19 संक्रमित हुआ था, आंख में कालापन और नाक जाम की शिकायत लेकर मिलने पहुंचा.
मरीज से पूछताछ के बाद पता चला कि 15 दिन पहले वे कोरोना संक्रमण से ठीक हुए हैं, जिसके बाद से यह परेशानी उसको हो रही है. पहले भी वह आंख के दूसरे चिकित्सक से दिखा चुका था, लेकिन जब परेशानी दूर नहीं हुई तब वह जेलहाता स्थित उनके क्लीनिक में पहुंचा.
हालांकि शुरुआती लक्षण में ही ब्लैक फंगस जैसे लक्षण देखने के बाद डॉ सुभाष ने सबसे पहले उसका इंडोस्कोप कराया, जिसमें फंगस डिटेक्ट हुआ. बाद में फंगस की लेबोरेट्री टेस्ट भी कराई गई और यह पाया कि उसकी आंख और नाक में फंगस की परत जम गई है. डॉ सुभाष ने बताया कि इस परिस्थिति में मरीज को प्राथमिक उपचार के तौर पर जो दवाइयां दी जानी चाहिए वह पलामू में उपलब्ध नहीं है. फिलहाल एंटी फंगल इन्फेक्शन के कुछ डोज उन्हें दिया गया और सर्जरी के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया गया.

