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    Home»झारखण्ड»प्रमुख नदियों ने दिखाया रौद्र रूप, तटीय इलाकों में मंडरा रहा है खतरा
    झारखण्ड

    प्रमुख नदियों ने दिखाया रौद्र रूप, तटीय इलाकों में मंडरा रहा है खतरा

    Koylanchal SamvadBy Koylanchal SamvadAugust 21, 2022No Comments4 Mins Read
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    रांची। झारखंड में दो दिनों तक रूक-रूक कर हुई बारिश में थोड़ी कमी आयी है, लेकिन इस बारिश के कारण सूबे की अधिकांश नदियांें ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। विभिन्न डैमों का जलस्तर बढ़ जाने से फाटक को खोल देना पड़ा है, जिससे नदी के तटीय इलाके और डैम के बहाव क्षेत्र के किनारे रहने वाले निचले इलाके में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। वहीं रांची, जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला समेत अन्य शहरों के निचले इलाके में भी जल-जमाव होने के कारण घरों में पानी घुस आया है। कई प्रभावित इलाकों से प्रशासन ने घरों को खाली करा दिया है और उन्हें राहत शिविरों में भेजा गया, जबकि बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच चना गुड़, ब्रेड और केला वितरित किया जा रहा है, साथ ही टैंकर से पानी की जलापूर्ति की जा रही है।

    राजधानी में भी मुश्किलें बढ़ी
    राजधानी रांची के निचले हिस्से में जलजमाव होने से पंचशील नगर, रातू रोड, लोअर चुटिया, कोकर, हरमू, हिंदपीढ़ी, तिरिल, बूटी बस्ती, पिस्का मोड़, पंडरा और कांटाटोली में सड़कों पर जलजमाव हो गया है। नालों का पानी सड़क पर बह रहा है। कई घरों में पानी घुस आया है। बारिश के कारण सैकड़ों स्थानों पर पेड़ गिरे है, उसे हटाने का काम आज दूसरे दिन भी जारी रहा।

    कई इलाकों में घंटों बिजली गुल
    बारिश के कारण राजधानी रांची के कई इलाकों में पिछले 36 घंटे से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गयी है। कई इलाकों में तो लगातार 24 घंटे तक बिजली गुल रही, वहीं कुछ क्षेत्रांे में पिछले 36 घंटों में मात्र 2 से 3 घंटे ही बिजली की आपूर्ति की जा सकी है।

    सबसे अधिक 130मिमी सिमडेगा में बारिश
    मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक 130 मिमी बारिश सिमडेगा में हुई जबकि रांची के मांडर में 115मिमी, गोमिया में 104, गुमला में 104,खूंटी में 103, रांची में 75, जमशेपुर में 45.2मिमी और लोहरदगा में 57मिमी से अधिक बारिश हुई।

    अल्पवृष्टि की स्थिति में निरंतर सुधार
    झारखंड के अधिकांश हिस्सों में जून-जुलाई में अपेक्षा से काफी कम बारिश के कारण सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी। लेकिन अब स्थिति में निरंतर सुधार हो रही है। चार दिन पहले तक राज्यभर में जहां औसत से 40 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड किया जा रहा था, वहीं तीन-चार दिनों में हुई जोरदार बारिश से स्थिति में काफी सुधार आया। अब राज्यभर में औसम से सिर्फ 26 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 1 जून से लेकर 21अगस्त तक राज्यभर में 532.3 मिमी बारिश हो चुकी है, हालांकि इस दौरान यहां 721.2मिमी बारिश होती है। इस तरह से अब भी राज्य में सामान्य से कम बारिश के कारण कई जिलों की स्थिति खराब है।

    पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज और गढ़वा जिले में कम बारिश
    राज्य में अब तक सबसे कम बारिश संताल परगना के पांच जिलों, पाकुड़, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज और गढ़वा जिले में हुई है। पाकुड़ में सामान्य से 71 प्रतिशत कम, साहिबगंज में 67, गोड्डा में 68, जामताड़ा में 62 और गढ़वा में 51 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    जलप्रपातों की खूबसूरती निखरी
    इधर, एक ओर जहां भारी बारिश से कई हिस्सों में लोगांे को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं इस बारिश से राज्य के कई जल प्रपात की खूबसूरती भी बढ़ गयी है। तेज हवा और नॉन स्टॉप बारिश ने दशम फॉल की खूबसूरती अचानक और बढ़ा दी है। दशम फॉल में काफी ऊंचाई से चट्टानों से टकराकर गिरती जलधारा और उससे निकलती वाष्पीकरण की प्रक्रिया पर्यटकों के लिये बेहद अद्भुत नजारा पेश कर रही है। भारी बारिश के बावजूद इस नज़ारे को देखने के लिए जमशेदपुर, रांची और दूर दराज से कई पर्यटक अपने परिवार और दोस्तों के साथ दशम फॉल पहुँच रहे हैं ताकि उफनती जलधारा को मोबाइल के कैमरे में कैद कर सकें । विभिन्न फॉल की जलधारा इतनी तेज है कि आसपास का कोई शोर सुनाई नहीं पड़ता और सिर्फ फॉल की कल-कल करती जलधारा ही एक मदमस्त आवाज़ पैदा करती है जो पर्यटकों का मन मोह लेता है ।

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