Close Menu
कोयलाचंल संवाद

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती: पराक्रम दिवस 2026 पर राष्ट्र ने श्रद्धांजलि अर्पित की

    January 23, 2026

    Koylanchal Samvad e-paper | 23rd Jan | Dnb

    January 23, 2026

    Koylanchal Samvad e-paper | 23rd Jan | Ranchi

    January 23, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    • E-Paper
    • ताजा हिंदी खबरें
    • झारखंड
    • रांची
    Facebook X (Twitter) Instagram
    कोयलाचंल संवादकोयलाचंल संवाद
    Subscribe
    • कोयलांचल संवाद
    • झारखण्ड
    • बिहार
    • राष्ट्रीय
    • बिज़नेस
    • नौकरी
    • मनोरंजन
    • अंतरराष्ट्रीय
    • खेल
    • E-Paper
      • E-paper Dhanbad
      • E-Paper Ranchi
    कोयलाचंल संवाद
    Home»बिहार»बीमार पिता को गुरुग्राम से साइकिल चलाकर दरभंगा ले आई बेटी, 7 दिन में तय किया 1000 KM सफर
    बिहार

    बीमार पिता को गुरुग्राम से साइकिल चलाकर दरभंगा ले आई बेटी, 7 दिन में तय किया 1000 KM सफर

    Koylanchal SamvadBy Koylanchal SamvadMay 23, 2020No Comments3 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter Copy Link Pinterest Email

    15 साल की ज्योति ने गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा तक की एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी सात दिन में तय किया. वो एक दिन में 100 से 150 किलोमीटर अपने पिता को पीछे बिठा कर साइकिल चलाती थी. जब कहीं ज्यादा थकान होती तो सड़क किनारे बैठ कर ही थोड़ा आराम कर लेती थी

    दरभंगा. कोरोना संकट के दौर में देश भर से प्रवासी मजदूरों और कामगारों का अपने-अपने घरों को लौटने का सिलसिला जारी है. लॉकडाउन में मजदूरों के पैदल ही सैकड़ों-हजारों किलोमीटर का सफर करने की तमाम तस्वीरें आ रही हैं. इसी कड़ी में ज्योति अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठा कर हरियाणा के गुरुग्राम से अपने घर बिहार के दरभंगा पहुंची है. रास्ते में कई तरह की परेशानियां हुईं लेकिन हर बाधा को ज्योति बिना हिम्मत हारे पार करती गयी. ज्योति दो दिन तक भूखी भी रही. रास्ते में कहीं किसी ने पानी पिलाया तो कहीं किसी ने खाना खिलाया.

    15 साल की ज्योति ने एक हजार किलोमीटर से ज्यादा की दूरी सात दिन में तय किया. वो एक दिन में 100 से 150 किलोमीटर अपने पिता को पीछे बिठा कर साइकिल चलाती थी. जब कहीं ज्यादा थकान होती तो सड़क किनारे बैठ कर ही थोड़ा आराम कर लेती थी.

    ई-रिक्शा चला कर करता था गुजर-बसर

    ज्योति के पिता गुरुग्राम में किराए पर ई-रिक्शा चलाने का काम करते हैं लेकिन कुछ महीने पहले उनका एक्सिडेंट हो गया था. इसी बीच कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन की घोषणा हो गयी. ऐसे में ज्योति के पिता का काम ठप हो गया, ऊपर से ई-रिक्शा के मालिक का पैसों को लगातार दबाब बन रहा था. ज्योति के पिता के पास न पेट भरने को पैसे थे, न ही रिक्शा के मालिक को देने के. ऐसे में ज्योति ने फैसला किया कि यहां भूखे मरने से अच्छा है कि वो किसी तरह अपने गांव पहुंच जाए. लॉकडाउन में यातायात के साधन नहीं होने की वजह से ज्योति ने दरभंगा तक की लंबी दूरी का सफर अपनी साइकिल से ही पूरी करने की ठानी. हालांकि ज्योति के पिता इसके लिए तैयार नहीं थे लेकिन गरीबी की मजबूरी ऐसी थी की पिता को बेटी के निर्णय पर सहमति जतानी पड़ी. इसके बाद दोनों कठिन परिस्थितियों का मुकाबला करते हए सात दिन में अपने गांव पहुच गये.

    बहादुर बेटी के जज्बे को कर रहे सलाम

    ज्योति के साइकिल चलाकर गांव पहुचने के बाद गांववाले इस छोटी सी बच्ची पर गर्व महसूस कर रहे हैं. इस बहादुर बच्ची के जज्बे को सलाम करते हुए ग्रामीण निर्भय शंकर भारद्वाज ने कहा कि ज्योति ने यह साबित कर दिया की बेटियां, बेटे से कम नहीं बल्कि उनसे एक कदम आगे हैं.

    Share. WhatsApp Facebook Twitter Email Copy Link
    Koylanchal Samvad
    • Website
    • Facebook
    • Instagram

    Related Posts

    GI-टैग मिथिला मखाना पहली बार विदेश रवाना, समुद्री रास्ते से दुबई पहुंची खेप

    January 22, 2026

    मनसे बोली– ‘नहीं बनने देंगे बिहार भवन’, बिहार सरकार का पलटवार—किसी में दम नहीं!

    January 22, 2026

    CM Nitish Kumar की समृद्धि यात्रा के बीच सिवान में ब्लास्ट,1 की मौत, कई घायल

    January 22, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती: पराक्रम दिवस 2026 पर राष्ट्र ने श्रद्धांजलि अर्पित की
    • Koylanchal Samvad e-paper | 23rd Jan | Dnb
    • Koylanchal Samvad e-paper | 23rd Jan | Ranchi
    • कलेक्टरेट में बड़ा मंथन: रांची में राजस्व बढ़ाने पर डीसी की सख्त समीक्षा बैठक, कई अहम निर्देश जारी
    • GI-टैग मिथिला मखाना पहली बार विदेश रवाना, समुद्री रास्ते से दुबई पहुंची खेप
    • मनसे बोली– ‘नहीं बनने देंगे बिहार भवन’, बिहार सरकार का पलटवार—किसी में दम नहीं!
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo YouTube
    • E-Paper
    • Content Policy Guidelines
    • Privacy Policy
    • Terms of Use
    © 2026 Koylanchal Samvad. Designed by Aliancy Technologies.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.