जमशेदपुर: व्यवहार न्यायालय के अपर जिला सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और गर्भवती करने के अभियुक्त विनोद मुखी को कड़ी सजा सुनाई। अभियुक्त को मरने तक जेल में रखने का आदेश दिया। साथ ही 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा भी सुनाई। ये राशि नाबालिग को दिए जाएंगे। घटना के समय नाबालिग 13 साल की थी। नाबालिग अभियुक्त की बेटी की सहेली है।
मामला बिस्टुपुर थाना क्षेत्र की है। विनोद मुखी ने 13 साल की एक नाबालिग के साथ बीते दो माह से दुष्कर्म करता रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब नाबालिग गर्भवती हुई। स्वजनों के पूछने पर उसने पूरी आप बीती बताई। 14 सितंबर 2018 को घटना की जानकारी पर स्वजनों ने अभियुक्त की पकड़ कर पिटाई कर बिष्टुपुर थाना की पुलिस को सौंप दिया था। पीडि़ता की शिकायत पर अभियुक्त के विरुद्ध दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया गया था। पीडि़ता छठीं की छात्रा है। अभियुक्त के दो बेटे और एक बेटी है। बेटे की शादी हो चुकी है।
पुलिस को नाबालिग ने पूछताछ में बताया था कि वह अभियुक्त के बेटी की सहेली है। पहली बार सहेली का पिता उसे यह कहकर अपने घर ले गया कि उसकी बेटी उसे घर पर बुला रही है। जब वह उसके घर गई तब वहां कोई नहीं था। घर पहुंचते ही आरोपित ने दरवाजा बंद कर दिया। विरोध करने पर उसने जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। इसके बाद से लेकर कई बार यौन शोषण किया। वह गर्भवती हो गई। गौरतलब है कि नाबालिग के 22 सफ्ताह की गर्भवती होने पर न्यायालय के आदेश पर उसका ऑपरेशन करने लिए उसके परिजनों की ओर न्यायालय में अर्जी दाखिल की थी।
इससे पहले न्यायालय ने मेडिकल बोर्ड की टीम का गठन कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। डॉक्टरों के बोर्ड ने ऑपरेशन करने में जान का खतरा बताया था। नाबालिग कई दिनों तक अस्पताल में रही थी।

