सिमडेगा: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को सिमडेगा में खतियानी जोहार यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि हम जब 1932 के आधार पर नौकरी का कानून लेकर आए, तो दूसरे राज्यों से लोग आए और उसको खारिज करवाया। यूपी और बिहार के लोगों ने कोर्ट में केस किया, यहां के एक आदिवासी को आगे करके ये काम किया गया। ये बेईमान लोग ऐसे ही काम करवा रहे, यूपी बिहार के लोगों के पेट में दर्द क्यों हो रहा। हमने एक्ट बनाकर नौवीं अनुसूची में डालने के लिए भेजा है। जब राज्य अलग हुआ, तो ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण मिलता था, जिसको 14 फीसदी कर दिया। हमारी सरकार ने ओबीसी को 27 फीसदी आरक्षण देने का काम किया। ये लोग कहते हैं, जो 1932 के खतियान को हाथ लगाएगा, वो जल जाएगा। श्री सोरेन ने कहा कि सिमडेगा राज्य का सीमावर्ती जिला है, हम यहां खेल को प्रोत्साहित करने के लिए पहले आए। हम कई बार सिमडेगा जिले का दौरा कर चुके हैं, इस बार खतियानी यात्रा के लिए आए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खतियानी यात्रा का मतलब लोगों को बताया। बोले– हमें बार– बार संघर्ष करके अपना परिचय देना पड़ता है। जल जंगल जमीन को बचाने के लिए यहां के लोगों ने शहादत दी।
उन्होने कहा कि आदिवासी और पिछड़े अपने अधिकार के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहते हैं। अभी हमारा विपक्ष राज्य की जनता को भ्रमित करने में लगा है। जब राज्य के लिए आंदोलन शुरू हुआ, तो कहा जाता था, ये अलग राज्य नहीं ले पाएंगे। राज्य बनने में बहुत समय लग गया, तमाम लोग शहीद हुए। हर बात पर विपक्षी हमें चुनौती देते रहे हैं, ये सही है, इन लोगों ने 20 साल तक राज किया। 2019 में हमने कमर कसी और 20 साल के राज को उखाड़ कर फेंक दिया। हमने दिखा दिया कि यहां का आदिवासी और मूलवासी गद्दी पर बैठ सकता है।
श्री सोरेन ने कहा कि हम लोगों का सारा हक और अधिकार यही लोग लूट कर ले जाते रहे। हमारी सरकार बनते ही कोरोना को चुनौती आकर खड़ी हो गई। 20 सालों में राज्य की ऐसी स्थिति बना दी, राज्य की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। हमारे राज्य के 20 से 25 लाख मजदूर फंस गए थे। कोरोना के समय भी हम किसी को ट्रेन, किसी को हवाई जहाज से लाकर घर पहुंचाया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने से पहले की सरकार निशाना साधते हुए कहा कि इनकी नीतियों से तमाम फैक्ट्रियां बंद हो गईं। हम सरकार ने किसी को भूख से नहीं मरने दिया। दो साल तक ऐसी स्थिति बनी रही, दो साल बाद काम शुरू हुआ, तो इनको दर्द होने लगा। हमारी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र करना शुरू कर दिया। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में सब पंचायतों में अधिकारी और नेता गए। 20 साल में कभी अधिकारी कमरे से नहीं निकले थे, अब सब जगह जा रहे। हमको शिविर के जरिए 65 लाख शिकायत मिली। राज्य की मुख्य मांगों का समाधान किया जा रहा, सब योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा। हमने साठ साल से ज्यादा उम्र के हर व्यक्ति को पेंशन देने का कानून बना दिया।कोई विधवा और दिव्यांग भी अब पेंशन से वंचित नहीं है। हमने 20 लाख लोगों को नए कार्ड बनाकर दिए। हमने केंद्र सरकार से अनाज मांगा, पर नहीं मिला। खुले बाजार से हम अब राशन खरीद कर देने की स्कीम लेकर आए। सावित्री बाई फुले योजना लागू करने का काम राज्य ने किया। अब राज्य का कोई भी बच्चा नौकरी करना चाहता है, तो उसको हम कोचिंग देंगे। इस साल पहली बार जेपीएससी से 250 बच्चों को बहाल किया। इसमें 33 ऐसे बच्चे थे, जो बीपीएल परिवार से हैं।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सिमडेगा में खतियानी जोहार यात्रा को किया संबोधित , कहा – हमने दिखा दिया कि यहां का आदिवासी और मूलवासी गद्दी पर बैठ सकता है
Related Posts
Add A Comment

