झारखंड की राजधानी रांची के डूमरदगा स्थित बाल सुधार गृह में शनिवार को छापेमारी हुई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने बाल बंदियों द्वारा छुपा कर रखे गए आधा दर्जन मोबाइल, गुटखा, सिगरेट, खैनी आदि बरामद किए हैं। बाल सुधार गृह के आंतरिक प्रभारी कर्नल ज्योति सिंह के नेतृत्व में सदर थाना पुलिस की एक टीम सुबह 8:00 बजे बाल सुधार गृह पहुंची। पूरे वार्ड की छानबीन की। बाल बंदी आपत्तिजनक सामानों को बाथरूम, कचरा आदि में छुपा कर रखा था।
बाल सुधार गृह पहुंचकर बंदियों से बातचीत कर बाल सुधार गृह की स्थिति से हुए अवगत
बता दे कि शुक्रवार की शाम हाइकोर्ट के जस्टिस एसएन पाठक और जस्टिस अनुभा रावत ने शुक्रवार को डुमरदगा स्थित बाल सुधार गृह का औचक निरीक्षण किया। संध्या 5.45 बजे दोनों जस्टिस बाल सुधार गृह पहुंचकर बंदियों से बातचीत कर बाल सुधार गृह की स्थिति से अवगत हुए। वे करीब आठ बजे तक बाल सुधार गृह में रहे इस दौरान बंदियों के पढ़ाई लिखाई से लेकर व्यक्तित्व विकास के लिए किये जा रहे प्रयास की जानकारी प्राप्त की।
मौके पर जस्टिस एसएन पाठक ने बंदियों से कहा कि आपसे मिलने आने वाले सभी आपके अभिभावक समान हैं। सारे लोग आपका हित ही सोचते हैं। कहा कि आप खाना बाहर से खरीद कर खा सकते हैं। कपड़ा बाहर से खरीद के पहन सकते हैं लेकिन अपने चरित्र को बाहर से नहीं खरीद सकते हैं। चरित्र में एक बार दाग लग जाने के बाद वह कभी साफ नहीं होता है।

