रांची: नारी शक्ति को सम्मानित करने, उनके योगदान को स्मरण करने व कमियों को पूरा करने के संकल्प से वाई बी एन विश्वविद्यालय-रांची ने आज अन्तराष्ट्रिय महिला दिवस के उपलक्ष पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर रांची महापौर श्रीमती आशा लकड़ा, एवं विशिष्ठ अतिथि के रूप में झारखण्ड नर्सींग काउंसिल की कुलसचिव श्रीमती तैयमा पी टी, रांची महिला थाना प्रभारी श्रीमती विंध्यावासिनी सिन्हा, श्रीमती मंजु यादव व चेयरमैन रामजी यादव, तथा विश्वविद्यालय के सलाहकार ए के पांडे कि गरिमामय उपस्थिति बनी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना एवं दीप प्रज्जवलन से हुया। स्वागत सम्बोधन में डॉ मीना कुमारी ने बारी बारी से सभी आगंतुकों, गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। ट्राइबल कॉलेज ऑफ नर्सींग तथा माँ कलावती नर्सींग कॉलेज के छात्रों ने अपने स्वागत गान तथा नृत्य से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
अपने सम्बोधन में बोलते हुए आशा लकड़ा ने कहा कि समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं का योगदान अतुलनीय रहा है, चाहे वो घर-परिवार चलाने का कार्य हो या राज्य-देश संभालने कि जिम्मेदारी। उन्होंने बताया कि कैसे पुरुषों के नशे के हालत में सिनगी देई, चंपई देई, कैली देई समूह ने मुगलों के आक्रमण का सामना किया और उस समय के लोहरदग्गा क्षेत्र को मुगलों से मुक्त रखा। ऐतिहासिक स्तर पर महिलाओं ने हर घड़ी-हर पल पुरुषों का कदम से कदम मिला कर साथ दिया।
शक्ति पर्व के इस अवसर पर झारखण्ड नर्सींग काउंसिल कुलसचिव ने कहा कि वाई बी एन विश्वविद्यालय ने झारखण्ड में नर्सींग सेवा में सराहनीय योगदान दिया है। विते कोरोना बर्ष में इस विश्वविद्यालय के नर्सींग छात्रों ने मानव कल्याण का कार्य किया है। श्रीमती तैयमा ने विश्वविद्यालय के नर्सींग छात्रों का जोरदार प्रशंसा कर कहा कि आगे भी आप अपना योगदान बरकरार रखें।
अपने उद्घाटन सम्बोधन में कुलपति प्रोफ सत्य प्रकाश यादव ने कहा कि आज के दिन वाई बी एन विश्वविद्यालय-रांची ने झारखण्ड प्रदेश के नारी शक्ति को सम्मान प्रदान करते हुए महिला दिवस को सफल बना दिया है। विश्वविद्यालय ने योगदान के कई क्षेत्रों जैसे शिक्षा, चिकित्सा, ग्रामीण विकास, कृषि, कानून व्यवस्था आदि में नारी के सराहनीय योगदान को सम्मान प्रदान करते हुए कई गणमान्य महिलाओं का सम्मानित किया।
विशिष्ठ अतिथि प्रोफ कल्याण कुमार ने कई मार्गदर्शक योजनाओं का जिक्र करते हुए विश्वविद्यालय को आगे भी इसी तरह महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयत्नशील रहने के लिए प्रेरित किए।
कार्यक्रम के सफल संचालन में ई दीपक कुमार, डॉ अंकिता कुमारी, डॉ कमल कान्त पात्रा, डॉ अर्पणा शर्मा, डॉ अनिमा, ई कौशल किशोर, डॉ आरती गुप्ता, ई कुमारी विनीता, डॉ सुमथी एवं सभी नर्सींग छात्र-छात्राओं का अहम योगदान रहा। कार्यक्रम का समापन रंगारंग कार्यक्रम, डॉ अर्पणा शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्र गान से हुआ.

