रांची: रिम्स के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती मरीज को देखने आए बंगाल के झालदा के उत्तम कुमार रिम्स के लिफ्ट के दरवाजे के बीच फंस कर हादसे का शिकार हो गए। लिफ्ट में चढ़ने के दौरान यह हादसा हुआ है। घटना में उत्तम का हाथ और पैर टूट गया है। घायल का इलाज रिम्स के इमरजेंसी विभाग में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लिफ्ट काफी जर्जर स्थिति में है। लिफ्ट में ना ही कोई लाइट जलती है, ना ही कोई सेंसर काम करता है।
ग्रामीण क्षेत्र से आए युवक को लिफ्ट चलाने की जानकारी नहीं थी और लिफ्ट के अंदर जाते ही युवक के शरीर का कुछ भाग दरवाजे के बाहर ही था और इसी दौरान दरवाजा बंद हो गया। इससे युवक बुरी तरह घायल हो गया। हाथ और पैर टूटने के साथ सिर में भी चोट लगी है। अगर लिफ्ट के दरवाजे का सेंसर काम करता, तो शायद यह हादसा नहीं होता। इसके अलावा लिफ्ट में कोई लिफ्टमैन की भी व्यवस्था नहीं थी। जबकि दर्जनों लिफ्टमैन की नियुक्ति आउट सोर्स के माध्यम से पहले ही की जा चुकी है।
दूसरी ओर अधिकारियों के लिफ्ट की हालत काफी बेहतर है और इन लिफ्ट में लिफ्टमैन भी मौजूद हैं। जबकि मरीजों के लिए जो लिफ्ट है, उसमें लिफ्टमैन की अति आवश्यकता होती है। यहां कई मरीज गांव-देहात से इलाज के लिए आते हैं और उन्हें लिफ्ट चलाने की जानकारी नहीं होती। साथ ही रिम्स के पुराने भवन में दर्जनों लिफ्ट लगाए गए हैं, लेकिन मेंटेनेंस के अभाव में यह सभी लिफ्ट जर्जर अवस्था में है।
इसका खामियाजा है कि लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके रिम्स प्रबंधन का ध्यान इस ओर नहीं है। फिलहाल इस मामले पर रिम्स प्रबंधन ने कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा है। प्रबंधन का कहना है लिफ्टमैन का काम तय किया गया है। अगर वह काम पर मौजूद नहीं है, तो इसकी जांच की जाएगी। साथ ही जो लिफ्ट खराब है, उसे बनाने का कार्य भी किया जाएगा।

