रांची: अरबों रुपये के बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में दोषी करार दिये जाने के बाद जेल भेज दिये गये । बाद में उनकी खराब तबीयत को देखते हुए 15 फरवरी को उन्हें रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती कराया गया। रिम्स के पेइंग वार्ड में कमरा संख्या ए-11 में वे भर्ती हुए, जहो फ्रिज, टीवी, एसी, गीजर समेत अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुविधा उपलब्ध थी। इस कमरे का किराया प्रतिदिन एक हजार रुपये का था। 15 फरवरी से 23 मार्च , यानी 52 दिनों तक पेइंग वार्ड का कराया, लालू प्रसाद की ओर से भुगतान कर दिया गया।
लेकिन लालू प्रसाद के रिम्स के पेइंग वार्ड में भर्ती होने के साथ ही उनके कमरे के ठीक बगल में ए-10 कमरे पर उनके लोगों ने राजद सुप्रीमो का सामान रखकर कमरे को अपने कब्जे में कर लिया। लालू प्रसाद 23 मार्च को रांची से दिल्ली एम्स चले गये और उन्होंने अपना कमरा छोड़ दिया, लेकिन उनके नाम का जो दूसरा कमरा 23 मार्च से 27 जून तक रखा गया। अब रिम्स प्रबंधन इस कमरे के किराये के लिए भटक रहा है। बताया कि इस अवधि का किराया 97 हजार रुपया होता है, इसका किराया कौन देगा, इसे लेकर रिम्स प्रबंधन को कोई जवाब नहीं मिल रहा है। हालांकि अब रिम्स प्रबंधन ने उस कमरे को खाली करा लिया है, लेकिन किराया भुगतान कौन करेगा, इसका जवाब अब तक नहीं मिल पाया है।

