लोहरदगा: लोहरदगा जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वन गोपाल पांडेय की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में आरोपित को 12 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया गया है। जुर्माना की राशि पीड़िता को दी जाएगी। मंगलवार को एडीजे वन गोपाल पांडे की अदालत में पोक्सो वाद संख्या 15/2019 और कुडू थाना कांड संख्या 110/2019 की सुनवाई हुई। अदालत ने निर्णय देते हुए भारतीय दंड विधान की धारा 376 (1) में कुडू थाना क्षेत्र के रानी टोंगरी गांव निवासी स्वर्गीय लोदया उरांव के पुत्र आरोपित देवठान उरांव को 12 साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। जुर्माना की राशि पीड़िता को दी जाएगी।
इस मामले में कुडू थाने में मामला दर्ज हुआ था। विगत तीन सितंबर 2018 को पीड़िता करमा पर्व मनाने गई हुई थी। इसी दौरान आरोपित उसे पकड़ कर मक्के के खेत में ले गया और वहां ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद आरोपित पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा और लगातार धमका कर शारीरिक संबंध बनाने लगा। पीड़िता द्वारा विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी जाने लगी। मामले में सरकारी पक्ष की ओर से एपीपी सतीश कुमार सिन्हा ने दलीलें पेश की। आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

