रांची: झारखंड में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकाेसिस) महामारी घोषित होने के बावजूद रिम्स ने जिस पीड़ित महिला का ऑपरेशन करने से इनकार कर दिया था, हाईकोर्ट की फटकार के बाद गुरुवार को पहला सफल ऑपरेशन किया। गिरिडीह की मरीज उषा देवी का अाॅपरेशन रिम्स के 7 विभागों के डॉक्टरों की टीम ने किया। सर्जरी ढाई घंटे तक चली।
फंगस मरीज की बाईं आंख, नाक की हड्डी और मुंह के ऊपरी जबड़े तक फैल गया था, इस कारण ये सभी अंग निकालने पड़े। उषा देवी को अभी सुपर स्पेशियलिटी विंग की आईसीयू में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि उषा देवी के परिजनों की याचिका पर सुनवाई करते हाईकोर्ट ने बुधवार को रिम्स प्रबंधन और सरकार को फटकार लगाई थी।
सवाल उठाया था कि क्या लाेगों को इलाज के लिए अपनी जमीन बेचनी पड़ेगी। सरकार क्या कर रही है? इसके बाद रिम्स निदेशक समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मरीज उषा देवी के ऑपरेशन का निर्णय लिया।
डॉक्टर बोले: फंगस अभी पूरी तरह खत्म नहीं, 15 दिन ऑब्जर्वेशन में रखेंगे
डॉक्टरों के अनुसार, मरीज की स्थिति पहले से बेहतर है। फंगस निकाला गया है, लेकिन यह पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इधर, उषा देवी के बेटे गौरव गुप्ता ने बताया कि काफी दबाव बनने पर 51 दिन के बाद डॉक्टरों की टीम ने गुरुवार को ऑपरेशन किया। मां की स्थिति में हल्का सुधार है। डॉक्टरों ने बताया है कि 15 दिनों तक रिम्स में ही ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। उसके बाद आगे के लिए परामर्श दिया जाएगा।
जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे गए आंख और जबड़ा
उषा देवी के निकाले गए आंख-जबड़े को जांच के लिए माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा गया है। वहां पता लगाया जाएगा कि संक्रमण की क्या स्थिति थी और इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा कितना था।
प्लास्टिक सर्जन बोले- 3 हफ्ते बाद दोबारा फंगस की जांच होगी
प्लास्टिक सर्जन डॉ. विक्रांत रंजन ने कहा कि तीन सप्ताह के बाद दाेबारा जांच होगी। संक्रमण खत्म मिला तो प्लास्टिक सर्जरी कर शरीर के दूसरे हिस्से का मांस स्किन व गाल में लगाया जाएगा।
उम्मीद बंधी… रिम्स में 6 मरीजों का ऑपरेशन जरूरी
ब्लैक फंगस का पहला ऑपरेशन रिम्स में होने से अन्य पीड़ित मरीजों के लिए उम्मीद जगी है। रिम्स में अभी भर्ती 6 से अधिक ब्लैक फंगस के मरीज ऐसे हैं, जिन्हें ऑपरेशन की जरूरत है। इन मरीजों के ऑपरेशन में कई दिनों से प्रबंधन टाल-मटोल का रवैया अपना रहा है। अब तक कुछ मरीजों की नाक से सिर्फ साइनस निकाला गया है।

