अभी चल रही है लगभग 70 बस, अतिरिक्त बस चलाने पर विचार कर रहे हैं बस मालिक
जमशेदपुर: होली पर्व पर बिहार जाने वाले यात्री ट्रेनों की हालत काफी दयनीय है। वेटिंग लिस्ट टिकट तो दूर, टिकट तक नहीं दिए जा रहे हैं। वहीं टिकट काउंटर पर नो रूम होने की बात कही जा रही है। ऐसे में रेलवे द्वारा टिकट देने का प्रावधान ही नहीं है। ऐसी स्थिति में लोग बिहार जाने वाले यात्री ट्रेनों में भेड़-बकरी की तरह यात्रा करने को विवश हैं। ऐसी ही हालत बिहार जाने वाली यात्री बसों में भी है। बिहार जाने वाले लोग पहले से ही तय किए गए तारीख के हिसाब से अपना सीट बुक करवा चुके हैं। जबकि यात्रियों को हो रही असुविधा को देखते हुए कुछ बस मालिक बाहर से बसों को मंगवाकर राहत देने का प्रयास करेंगे। वहीं जिन यात्रियों को परिवार के साथ यात्रा करनी है उन्हें तो ऐसे में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं होली पर्व को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा बिलासपुर-गया भाया टाटानगर होकर होली स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। यह ट्रेन 11 मार्च को (08295) बिलासपुर स्टेशन से शाम 7 बजे खुलेगी और 12 मार्च की शाम 4.30 बजे गया स्टेशन पर पहुंचेगी। इसी तरह से वापसी के क्रम में गया स्टेशन से यह ट्रेन (08296) 14 मार्च की रात 9.30 बजे खुलेगी और 15 मार्च की शाम 5.25 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। इस स्पेशल ट्रेन का स्टोपेज बिलासपुर, चापा, रायगढ़, ब्रजराज नगर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, चक्रधरपुर, चांडिल, पुरुलिया, जयचंडीपहाड़, आसनसोल, चितरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, किउल, पटना, जहानाबाद और गया स्टेशन पर दिया गया है। जबकि टाटानगर स्टेशन से खुलने वाली बिहार की ट्रेनों में रेलवे द्वारा दो-दो एक्सट्रा कोच लगाने की घोषणा की गई है। ये कोच किस तिथि को लगाए जायेंगे इसकी घोषणा रेलवे द्वारा अभी नहीं की गई है। कितने दिनों तक एक्सट्रा कोच की सुविधा रेलवे द्वारा दी जाएगी, इसकी भी घोषणा अब तक नहीं की गई है। स्टील सिटी जमशेदपुर से बिहार और यूपी के लिए लगभग 65 से 70 यात्री बसों का परिचालन रोजाना होता है। जिसमें आरा-बक्सर के लिए 12, पटना के लिए 10, भागलपुर के लिए 3, छपरा के लिए 9, बिहार शरीफ के लिए 5, इशुआ के लिए 2, इलाहाबाद के लिए 1, बनारस के लिए 1, गोपालगंज के लिए 2, मुजफ्फरपुर के लिए 5, रक्सौल के लिए 2, बेतिया के लिए 2, औरंगाबाद के लिए 5, गया के लिए 6, पूर्णिया के लिए 1, दरभंगा के लिए 1 और मसरख के लिए 2 यात्री बसों का परिचालन होता है। वहीं बिहार की बसों में बुकिंग चालू कर दी गई है। साथ ही सभी रूट की यात्री बसों में बैठने के लिए और सोकर जाने के लिए स्लीपर की भी सुविधा दी गयी है। मगर यात्री रोजाना बस स्टैंड पर पहुंचते हैं और भाड़ा को लेकर किचकिच करते हैं। पेट्रोलियम पदार्थों का रेट बढ़ने से यात्री बस का किराया भी बढ़ गया है। लेकिन यात्री बढ़ा किराया देने से किचकिच करते हैं। जिसको लेकर बस स्टैंड पर हो-हंगामा होना आम बात हो चली है।

