हजारीबाग: लोहार टोली मोहल्ले में बुधवार की रात बेहद दुखद घटना घटी। कमरे में आग लगने से पति-पत्नी और उनके 6 साल के बेटे की मौत हो गई। ये तीनों एक ही कमरे में सोए थे, जबकि दंपती की दो बेटियां दूसरे कमरे में थीं। बेटियां बिल्कुल सुरक्षित हैं। बेटियां अपनी चाची के साथ सो रही थी। दंपती के कमरे की कुंडी बाहर से बंद थी और उस पर हेयरबैंड जैसा तार भी लपेटा हुआ था।
आशंका जाहिर की जा रही है कि आग से जलने व दम घुटने से तीनों की मौत हुई होगी। वैसे, हत्या की भी आशंका कई लोगों ने जाहिर की है। तीनों का शव जली अवस्था में मिला है। घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। साथ ही, जांच शुरू हो गई है।
मृतकों के नाम मुन्ना विश्वकर्मा उर्फ सरोज विश्वकर्मा (45) उनकी पत्नी सोनम देवी (42) और पुत्र आयुष (6) हैं। सरोज की दो बेटियां भूमि कुमारी (14) और कनक (12) दूसरे कमरे में सोई हुई थी। घर में सरोज अपने छोटे भाई के साथ रहते थे। लगभग 2 बजे रात में अचानक कमरे से धुआं निकलता देख दोनों बच्चियां, उनके चाचा-चाची नींद से उठे। आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस आई तो देखा कि तीनों के शव कमरे में पड़े हैं। मां और बेटे की लाश फर्श पर थी, जबकि सरोज की लाश बेड पर थी।
मृतक मुन्ना विश्वकर्मा की बड़ी बेटी भूमि कुमारी ने बताया कि हम लोग रात में रिश्तेदार के घर खाना खाने गए थे। वहां से रात करीब 11 बजे लौटे। पिताजी घर पर ही थे। उन्होंने घर पर ही खाना खाया। इसके बाद हम सभी सो गए। मम्मी, पापा और आयुष एक कमरे में सोए थे। बगल वाले कमरे में चाची के पास मैं, मेरी छोटी बहन कनक सोई थी। रात 2 बजे के लगभग मेरे पिताजी जिस कमरे में सोए हुए थे, वहां से धुंआ बाहर निकल रहा था। मेरी चाची कुसुम देवी, छोटे चचेरे भाई को शौच कराने के लिए बाहर निकली। तब उन्हें यह नजारा दिखा। उनके शोर करने पर हम सभी जग गये और बाहर निकले। दोनों कमरा चुकी एक दूसरे से सटा हुआ है तो निकल कर हम सभी देखें तो कमरे से काफी धुआं निकल रहा था। भूमि ने बताया कि अंदर कमरे में आग नहीं लगी बल्कि दरवाजे के बाहर से आग लगाई गई है।
वहीं, कुसुम देवी ने कहा कि बच्चे को शौच कराने के लिए बाहर निकली तो कमरे से धुआं निकल रहा था। कमरे के बाहर ताला लगाने वाले स्थान पर एक तार फंसाया हुआ था। तार काफी मजबूत था। इसलिए उसे तोड़ा नहीं जा सकता था। फिर हमने रात में ही शोर मचाया तो आसपास के लोग जुटे और धक्का मारकर दरवाजा को तोड़ दिया। दरवाजा टूटने के बाद अंदर कमरा पूरी तरह धुआं से भरा हुआ था और अंधेरा छाया हुआ था। तीनों के शव जले हुए स्थिति में पड़े हुए थे। हम सभी ने पड़ोसियों की मदद से तीनों को कमरे से बाहर गली में निकाला और पुलिस को खबर किया।
आशंका जाहिर की जा रही है कि वैंटिलेटर से आग को कमरे के अंदर फेंका गया है। इधर, थाना प्रभारी निशी कुमारी ने कहा कि अभी इस संबंध में कुछ कहा नहीं जा सकता है। जांच चल रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सरोज बिल्कुल हंसमुख व्यक्ति थे। पूरा परिवार खुशहाल था। इनका कहीं किसी से विवाद भी नहीं था। वहीं, एसपी कार्तिक एस ने कहा कि इस मामले पर बड़ी बच्ची के बयान पर एफआईआर होगा। मामले की फॉरेंसिक जांच हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। जांच शुरू कर दी गई है। बताते चलें कि इस तरह की घटना 4 साल पूर्व खजांची तालाब के पास घटी थी। वहां एक अपार्टमेंट में माहेश्वरी परिवार के 6 लोगों की मौत हुई थी।
