गिरिडीह जिले में मंत्री बनकर DSP को फोन कर धमकी देने का मामला सामने आया है। पत्थर खदान में पुलिस छापेमारी के दौरान आरोपी ने कॉल पर दे कर पुलिस अधिकारी को धमकाने का प्रयास किया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में अवैध तरीके से पत्थर खदान चला रहे कारोबारी सुनील अग्रवाल और उनके बेटे विनीत अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि विनीत ने मंत्री हफीजुल अंसारी बनकर मुख्यालय DSP संजय कुमार राणा को फोन किया और उन्हें धमकी दी।
पुलिस कार्रवाई को रोकने के लिए मंत्री के नाम से कॉल किया
दरअसल, पुलिस ने बेंगाबाद के मंदरडीह में अवैध तरीके से चल रहे पत्थर खदान में रविवार को छापेमारी की। खदान का संचालन सुनील अग्रवाल कर रहा था। प्रशासन ने यहां से पोकलेन, हाईवा, पांच डेटोनेटर, 14 पीस जिलेटिन व दो मोबाइल जब्त किया था। आरोपी सुनील दो दिनों से फरार था। पुलिस इसकी तलाश कर रही थी।
लिहाजा कार्रवाई रोकने के लिए सोमवार को विनीत ने मंत्री बनकर DSP को फोन किया। कॉल पर कहा कि कार्रवाई को रोक दो। अगर ऐसा नहीं किया गया तो विधानसभा में मामला उठाकर DSP से लेकर SDPO और थानेदार तक को सस्पेंड करवा देंगे। फर्जी धमकी देने के लिए विनीत ने अपने भाई विशेष अग्रवाल के नाम के सिम कार्ड का उपयोग किया।
ट्रूकॉलर पर आया मंत्री का नाम
कुछ ऐसी तकनीक भी लगाई कि ट्रूकालर में मंत्री हफीजुल अंसारी का ही नाम आ रहा था। DSP से यह भी कहा कि SP का फोन नहीं लग रहा, इसलिए तुम्हें किया है। फोन आने के बाद पुलिस की नींद उड़ गई। हफीजुल हसन अंसारी झारखंड सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हैं। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई जारी रखी गई। शक के आधार पर नंबर की जांच कराई तो पता लगा कि वह विशेष के नाम पर है।
इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया। इसके बाद पचंबा के बोडो हवाई अड्डा के पास छापेमारी कर मंगलवार को पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर अवैध तरीके से पत्थर उत्खनन व उसका कारोबार, विस्फोटक बरामदगी व मंत्री बनकर फोन पर धमकाने के मामले में 3 प्राथमिकी थाने में दर्ज हुई है। मंगलवार को ही दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

