कुख्यात मानव तस्कर पन्ना लाल महतो की पत्नी सुनीता देवी ने सोमवार को एनआइए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सरेंडर करने के बाद कोर्ट ने 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सुनीता को एनआइए ने वांटेड घोषित किया था। उसपर एक लाख का इनाम रखा गया था। झारखंड में यह पहली बार है जब किसी मानव तस्कर पर इनाम की घोषणा की गई है। सुनीता देवी बहुत पहले खूंटी से गिरफ्तार कर जेल भेजी गई थी। इसके बाद जमानत पर निकलने के बाद से ही फरार थी।
खूंटी में दर्ज केस को एनआइए ने टेकओवर कर शुरू किया था अनुसंधान
खूंटी के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिग यूनिट (एएचटीयू) थाने में 19 जुलाई 2019 को दर्ज मानव तस्करी के एक केस को टेकओवर करते हुए एनआइए ने चार मार्च 2020 को प्राथमिकी दर्ज की थी। खूंटी पुलिस ने एएचटीयू वाले केस में ही पन्ना लाल महतो को गिरफ्तार किया था। एनआइए के अनुसंधान में यह जानकारी मिली है कि अभियुक्त पन्ना लाल महतो व उसकी पत्नी सुनीता देवी ने मिलकर दिल्ली में तीन प्लेसमेंट एजेंसी से बड़े पैमाने पर मानव तस्करी की है। ये तस्कर झारखंड से गरीब व निर्दोष नाबालिग बच्चे-बच्चियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ले जाते हैं और दिल्ली तथा आसपास के राज्यों में उनका सौंदा कर देते हैं। वहां उनका शोषण होता है।
क्या है आरोप
आरोप है कि अभियुक्तों ने मानव तस्करी की और इससे करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। चारों अभियुक्तों पर आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से इन लोगों ने झारखंड की बच्चियों की तस्करी की। इनकी दो प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स लक्ष्मी प्लेसमेंट सर्विस व बिरसा सिक्यूरिटी एंड प्लेसमेंट एजेंसी हैं। इन दोनों प्लेसमेंट एजेंसियों को पन्ना लाल महतो संचालित करता था।

