देवघर: कार्तिक पूर्णिमा को बाबा बैद्यनाथ के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। केंद्रीय राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल समेत कई वीआइपी ने बाबा दरबार में माथा टेका। शाम तक मंदिर का कपाट बंद होने तक 40 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा की पूजा-अर्चना की। हालांकि
सुबह अधिक भीड़ नहीं देखी गई। लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई श्रद्धालुओं को पूजा अर्चना कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से मानसरोवर स्थित हनुमान मंदिर के पास प्रवेश कराया गया। मंदिर में सीधे प्रवेश नहीं होने दिया गया। फुटओवर ब्रिज होते हुए संस्कार भवन से सीधे बाबा मंदिर पहुंचने का क्यू सिस्टम लागू किया गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। सुलभ जलार्पण के लिए जिला पुलिस बल को मानसरोवर स्थित हनुमान मंदिर, प्रवेश द्वार, फुटओवर ब्रिज, संस्कार भवन एवं मंदिर के अंदर से लेकर निकास द्वार तैनात किया गया था। अधिक भीड़ वाले स्थानों पर मेजिस्ट्रेट की भी ड्यूटी लगी थी।
पूर्णिमा होने के कारण मंदिर का पट खुलने के समय से ही भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालु लाइन में लग गए थे, साथ-साथ बाबा मंदिर प्रांगण में कई प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान भी हो रहे थे। कार्तिक पूर्णिमा को लेकर सनातन धर्म में खास महत्व बताया गया है। जिसमें स्नान दान का महत्व है। कार्तिक पूर्णिमा को रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन लोग बड़ी संख्या में सत्यनारायण भगवान का कथा सुनते हैं और दिनभर पूजा पाठ एवं व्रत रखते हैं। जिसमें बाबा मंदिर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। सुबह से देर शाम तक पूजा अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा। वहीं शीघ्र दर्शनम के रास्ते भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पास लेकर बाबा का पूजा किया।

