बोकारो: जिंदगी से निराश हो चुके 55 वर्षीय दुलारचंद मुंडा ने कोरोना वैक्सीन लगने के बाद बेजान शरीर में जान आने, खुद के बलबूते धीरे-धीरे चलने और स्पष्ट आवाज वापस आने का दावा किया है. दुलारचंद के शरीर में आये इस परिवर्तन से उसके परिवार वाले जहां फूले नहीं समा रहे हैं, वहीं चिकित्सक इसे अनुसंधान का विषय बता रहे हैं.
बोकारो जिला अंतर्गत पेटरवार प्रखंड के उतासारा पंचायत स्थित सलगाडीह गांव निवासी स्वर्गीय रोहन मुंडा का पुत्र दुलारचंद मुंडा करीब चार साल पहले एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था. इलाज होने के बाद उसकी जान तो बच गयी, लेकिन उसके शरीर का अंग काम नहीं करने लगा. मुंह से बोलने पर आवाज कम और अस्पष्ट हो गया.
घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य के अस्वस्थ हो जाने के कारण परिवार के समक्ष रोजी- रोटी की समस्या आ गयी. दुलारचंद ने बताया कि जमीन-जायदाद बेचकर लाखों रुपये इलाज में खर्च किये, लेकिन पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो पाया. जिंदगी की आस छोड़ चुके दुलारचंद पिछले एक साल से बिस्तर पर पड़ा है. उसका चलना- फिरना भी मुश्किल हो गया था.

