गुमला: कुरमगढ़ के सीमावर्ती जंगल मरवा केरागानी में एक बार फिर बुधवार को आईईडी (इप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुआ और इसकी चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। वहीं, एक जख्मी हो गया। घटना की पुष्टि गुमला एसपी हरदीप पी जनार्दनन ने की है। मंगलवार को इस जंगल के पास ही कुरुमगड़ थाना क्षेत्र के केरागानी जंगल में आईईडी विस्फोट हुआ था।
इसमें आईईडी स्पेशलिस्ट बेल्जियन शेफर्ड नस्ल का डॉग द्रोण शहीद हो गया था। वहीं, डॉग स्क्वॉयड का हैंडलर कोबरा जवान विश्वजीत कुंभकार (28) गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घायल जवान को वायुसेना के हेलीकॉप्टर से रांची लाया गया और मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बुधवार को हुए विस्फोट में मारे गए ग्रामीण की पहचान बरडीह गांव निवासी रामदेव मुंडा (45) के रूप में की गई। उसके साथ उसका बड़ा भाई था। दोनों ही जंगल से घर की ओर आ रहे थे और इसी दौरान रामदेव मुंडा का पैर विस्फोटक पर पड़ गया और यह घटना हुई।
इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं, एसपी की अगुवाई में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गुमला से अतिरिक्त पुलिस बल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया है और लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है।
अपनी सुरक्षा के लिए नक्सली बुधेश्वर ने जंगलों में बिछा रखी है आईईडी
बताते चलें कि नक्सली संगठन में जोनल कमांडर के पद पर आसीन 15 लाख रुपए का इनामी नक्सली बुद्धेश्वर उरांव अपनी सुरक्षा के लिए केरागानी व मरवा जंगल समेत कई नक्सल प्रभावित क्षेत्र के जंगलों में जगह-जगह पर आईईडी बम बिछा रखा है। ताकि पुलिस उस तक आसानी से नहीं पहुंच सके। इसके अलावा नक्सलियों कि यह भी मंशा है कि जब भी पुलिस उनकी टोह में जंगल में प्रवेश करें तो वे आईईडी बम की चपेट में आ जाए।
हाल के दिनों में जिले में इस प्रकार आईडी ब्लास्ट की कई घटनाएं घटित हो चुकी है। बीते 25 फरवरी को जिला बल व सीआरपीएफ की टुकड़ी गुप्त व सटीक सूचना के बाद बुधेश्वर को घेरने रोरेद जंगल में घुसी थी। उस समय बुद्धेश्वर अपने दर्जन भर साथियों के साथ पूरी तरह घिर चुका था। पुलिस उसे जीवित पकड़ने के उद्देश्य से काफी नजदीक पहुंच चुकी थी, पर नक्सलियों के नजदीक पुलिस के पहुंचने से पहले ही बुद्धेश्वर को इसकी भनक लग गई और वह एक आईईडी विस्फोट कर भाग निकला था। इसी आईईडी विस्फोट में सीआरपीएफ का जवान रॉबिन्स कुमार घायल हो गए थे।

