गुमला : पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम वकारीब और मुख्यालय डीएसपी प्राण रंजन रविवार की अर्द्धरात्रि को लॉ एंड ऑर्डर को लेकर आपस में उलझ गये. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक-दूसरे को देख लेन की धमकी दी. डीएसपी रात को एसपी के आवास पहुंच गये. आवास में हंगामा किया. डीएसपी ने अपना कपड़ा खोलकर फेंक दिये. हल्की झड़प की भी सूचना है. एसपी आवास में डीएसपी गिरकर घायल हो गये. मामले को बढ़ते देख दूसरे पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर मामला को किसी प्रकार शांत कराया. इसके बाद डीएसपी पैदल एसपी आवास से निकले और अर्द्धनग्न अवस्था में मुख्य सड़क पर बैठ गये. बाद में एक जवान ने तौलिया दिया. जिसे लपेटकर डीएसपी अस्पताल पहुंचे और अपने चोट का इलाज कराया.
इस कारण बढ़ा विवाद
सूत्री से मिली जानकारी के अनुसार, रांची में एक राजनीति पार्टी की रैली होनी थी. एसपी ने डीएसपी को फोन कर गुमला शहर में विधि व्यवस्था संभालने के लिए फोन पर मौखिक आदेश दिया, लेकिन डीएसपी ने लिखित आदेश देने के लिए कहा. जिससे एसपी अपना आपा खो बैठे. फोन पर ही डीएसपी को कुछ शब्द बोल दिये. जिससे डीएसपी भी आक्रोशित हो उठे. वे रात करीब एक बजे एसपी आवास पहुंच गये. जहां दरवाजा को पीटा. फिर अंदर प्रवेश कर गये. एसपी आवास के बरामदे में काफी हो हंगामा हुआ. इसी दौरान डीएसपी ने अपना कपड़ा खोलकर फेंक दिये. डीएसपी के उग्र रूप को देखते हुए सार्जेंट मेजर, गुमला थानेदार एवं अन्य अधिकारियों को एसपी आवास रात में बुलाया गया. इसके बाद डीएसपी को एसपी आवास से बाहर निकाला गया.
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए डीएसपी
एसपी आवास से निकलने के बाद डीएसपी पैदल चलते हुए एनएच-78 जशपुर रोड पहुंचे. जहां वे बीच सड़क पर कुछ देर के लिए बैठ गये. अर्द्धनग्न देखकर एक व्यक्ति ने उन्हें तौलिया दिया. उन्हें समझाकर सड़क से हटाकर सड़क से किनारे लाया गया. कुछ देर तक सड़क के किनारे बैठे. इसके बाद वे पैदल चलकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉ गणेश राम ने इलाज किया. डीएस डॉ एके उरांव ने कहा कि डीएसपी रात को इलाज कराने आये थे. उनके कंधे पर चोट लगी है. रात को इलाज के बाद डीएसपी चले गये हैं.

