रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) 7वीं से 10वीं की परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत राज्य के 24 जिले से अभ्यर्थी मंगलवार सुबह JPSC मुख्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। प्रशासन की तरफ से इन्हें वहां से खदेड़ दिया गया।
उन्हें वहां बैठने की अनुमति नहीं दी गई। ये एक बार मोरहाबादी पहुंच कर पुलिस को चकमा देकर दोबारा JPSC मुख्यालय पहुंच गए। आखिरी में प्रशासन को JPSC के पदाधिकारियों से इनकी वार्ता करानी पड़ी।
इस दौरान सभी अभ्यर्थी आवाज दो, हम एक हैं… भाई-भतीजावाद बंद करो… सीट बेचना बंद करो… जब-जब छात्र जागा है, सत्ता का सिंहासन डोला है… जैसे नारे लगाते रहे।अभ्यर्थियों ने कहा कि JPSC जाएंगे और जाकर रहेंगे। हम लड़ने नहीं आए हैं। ये अन्याय हो रहा है। रिजल्ट जारी होने के बाद कट ऑफ जारी नहीं हुआ है । अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि युवा ठगे जा रहे हैं। पैसे के बल पर नौकरी बांटी जा रही है।
क्या है मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मांग है कि 7वीं से 10वीं JPSC PT परीक्षा रद्द की जाए। उम्र सीमा में छूट देते हुए सीट बढ़ाने, अंतर जिला परीक्षा सेंटर बनाकर पारदर्शिता से चयन प्रक्रिया के आधार पर परीक्षा का आयोजन किया जाए।
क्या है शिकायत
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि JPSC की PT के रिजल्ट में बहुत गड़बड़ी की गई है। परीक्षाफल उम्मीद से विपरीत है। साहेबगंज, लातेहार, लोहरदगा और हजारीबाग जिला के एक ही सेंटर से बेंचवार क्रमवार बैठे अभ्यर्थियों को पास कर दिया गया है। JPSC की ओर से आउट ऑफ सिलेबस से सवाल पूछे गए थे। इन सबके बावजूद अब तक का सबसे हाई कट ऑफ गया।
अभ्यर्थियों को आरक्षण का नहीं मिला है लाभ
PT परीक्षाफल में दिव्यांगों के लिए प्रावधान 5 प्रतिशत आरक्षण का पालन नहीं किया गया है। इसके अलावा महिला आरक्षण, सैनिक आरक्षण का भी पालन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि विज्ञापन के अनुसार 15 गुना PT परीक्षाफल का नियमावली का भी पालन नहीं किया गया है।
अभ्यर्थियों का आरोप- कम नंबर वालों को भी कर दिया गया है पास
आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया है कि कम नंबर लाने वाले कुछ छात्रों को भी पास कर दिया गया है। इसीलिए आयोग कट ऑफ भी जारी नहीं कर रहा है। JPSC पास अभ्यर्थियों का कट ऑफ जारी करे और हजारों गड़बड़ी सामने आयेगी।

