झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही शुक्रवार को जैसे ही शुरू हुई। विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। विधायक आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे।
- झारखंड विधानसभा सत्र के पांचवें दिन सदन में शून्यकाल के दौरान आजसू विधायक लंबोदर महतो ने पंचायत सचिव अभ्यर्थियों का मामला उठा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से पंचायत सचिव के अभ्यर्थी नियुक्ति के इंतजार में हैं। उन पर लाठीचार्ज हुआ है। यह अन्याय है। लाठीचार्ज करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से राज्य में कई संवैधानिक आयोग और न्यायाधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों के रिक्त पदों पर नियुक्ति का मामला उठाया। सरकार की तरफ से यह जवाब दिया गया कि अभी यह मामला सरकार के पास विचाराधीन है।
- विधानसभा में माले विधायक बिनोद सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के तहत बेरोजगारी भत्ता का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि सरकार ने स्नातक पास बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा पिछले बजट सत्र में की थी लेकिन अब तक यह नहीं मिला। श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने साफ कहा कि सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्रदान करने के मापदंड को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
- विधानसभा में महिला एवं बाल विकास मंत्री जोबा मांझी ने माले विधायक बिनोद सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि कुपोषण झारखंड का बड़ा मुद्दा है। यह सिर्फ छह जिले का मामला नहीं है। अभी कार्यरत पोषण सखियों के 11 महीने के बकाया मानदेय के भुगतान के लिए अनुपूरक बजट में 38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार पूरे राज्य का अध्ययन कर पोषण सखी मामले पर समेकित निर्णय लेगी।
भाजपा के धरने पर मंत्री ने दिया जवाब
इससे पहले राज्य में पिछड़े वर्ग के लोगों को 27 फीसद आरक्षण देने की मांग को लेकर विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने सदन के बाहर धरना दिया। नारेबाजी की। कार्यवाही में हिस्सा लेने विधानसभा पहुंचे झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि पिछड़ा वर्ग को 27फीसद आरक्षण दिलाया जाएगा। इसकी तैयारी चल रही है।
भाजपा के लोग अभी सिर्फ सियासत कर रहे हैं। भाजपा के नेताओं ने ही पिछड़ों का आरक्षण 27 फीसद से घटाकर 14 फीसद किया था। उस दौरान राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली बाबूलाल मरांडी की सरकार थी। मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि वह पिछड़ों के 27 फीसद आरक्षण के पक्षधर हैं।

