धनबाद: पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुराचार कर उसकी हत्या कर देने के एक मामले में बुधवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। धनबाद पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश प्रभाकर सिंह की अदालत ने दुराचारी डबलू मोदी को नाबालिग से दुराचार के जुर्म में सजा-ए-माैत की सजा दी है। इसके साथ ही 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बच्ची की हत्या के जुर्म में भी सज़ा-ए मौत के साथ पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। साक्ष्य छुपाने के जुर्म में 7 वर्ष की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया गया है। अदालत ने 7 फरवरी को डबलू मोदी को दोषी करार दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 9 फरवरी की तारीख निर्धारित की की गई थी।
चार साल सुनवाई के बाद अदालत ने दिया फैसला
दोषी डबलू मोदी घटना के बाद से ही न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। मोदी के खिलाफ पुटकी थाना में 29 अप्रैल, 2018 को जरूडीह मुनीडीह निवासी पीड़िता की मां ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 28 अप्रैल, 2018 की रात 9:00 बजे उसके गांव का ही डबलू मोदी उसके घर पर आया और उसकी पांच वर्षीय पुत्री को यह कह कर घर से ले गया कि पड़ोस में विवाह के घर में भोज खिला कर वापस ले आता हूं। परंतु उस रात वह उसकी पुत्री को लेकर वापस नहीं लौटा। वह अपने परिजनों के साथ अपनी नाबालिग पुत्री को ढूंढने लगी। परंतु वह कहीं नहीं मिली। वहीं आरोपी डब्लू मोदी के घर पर भी जाकर पूछताछ की परंतु घरवालों द्वारा भी कोई जानकारी नहीं दी गई ।
जंगल में मिला था बच्ची का चप्पल और फ्राक
बच्ची की मां ने विवाह स्थान पर जाकर पूछताछ की। लोगों ने बताया गया कि डब्लू मोदी एक बच्ची को लेकर जरूडीह जंगल की ओर ले गया है। दूसरे दिन जंगल में उसकी पुत्री का चप्पल एवं फ्राक बरामद किया गया था।

