कोरोना संक्रमण के कारण बच्चों को कई जानलेवा बीमारियों का टीकाकरण नहीं हो पाया है। इसमें जापानी इंसेफ्लाइटिस (चमकी बुखार) का भी टीका शामिल है। झारखंड में 52 प्रतिशत बच्चों को जेई-1 का टीका नहीं लगा है, जबकि 61 प्रतिशत बच्चों को जेई-2 का टीका नहीं लग पाया है।
अब जापानी इंसेफ्लाइटिस संक्रमण काल नजदीक आाने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी बच्चों का टीकाकरण जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। बताते चलें कि जापानी इंसेफ्लाइटिस (चमकी और दिमागी बुखार) ने बिहार और यूपी के हजारों बच्चों को काल के गाल में समा दिया है।
कितनी खतरनाक है ये बीमारी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, ये बरसात के बाद धान के खेतों में पनपक्यूलेक्स मच्छर से ये बीमारी फैलती है। शाम में अंधेरा होने के बाद तुरंत एक्टिव होता है। ये घर के अंदर नहीं होता है। ये घर के बाहर ही काटता है। ऐसे में यह कोविड से ज्यादा खतरनाक बीमारी साबित हो सकता है।

