रांची: झारखंड में लोहरदगा जिले में रहने वाली रानी कुमारी की शादी को लेकर मंगलवार की शाम को गांव-घर मंे बारात आने वाली थी, लेकिन बारात आने के पहले उसने वोट देने की इच्छा जाहिर की और वोट देने के बाद ही शादी की रस्म शुरू हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रानी कुमारी हाल के समय में कुडू प्रखंड के टाटी गांव में अपने नाना मोहन राम के घर में रहती है। नाना घर में रहते हुए ही वह पहली बार मतदाता के रूप में निबंधित हुई। रानी को इच्छा थी कि वह अपने मताधिकार का उपयोग करे। इसी बीच उसकी शादी तय हो गई। अर्थशास्त्र से स्नातक प्रतिष्ठा शिक्षा प्राप्त रानी की शादी टंडवा के धनगड्ढा निवासी विष्णुदेव पासवान के साथ हो रही है। मंगलवार को रानी की बारात आने वाली है। घर में विवाह की रस्म पूरे किए जा रहे थे। इसी बीच रानी ने अपने स्वजनों के सामने इच्छा जताई कि वह पहली बार वोटर बनी है, उसकी इच्छा है कि वह अपने वोट का इस्तेमाल करे। गांव की सरकार चुनने को लेकर अपने मताधिकार का उपयोग करे। रानी की इच्छा सुनकर घरवाले शुरू में तो हैरान हो गए, उन्हें लगा कि बारात आने में कुछ ही घंटे बचे हुए हैं, ऐसे में रानी का घर से बाहर जाना क्या ठीक रहेगा। फिर स्वजनों ने लोकतंत्र की मजबूती और घर की बेटी की इच्छा को देखते हुए उसे मतदान के लिए जाने की अनुमति दे दी।
रानी अपनी एक रिश्तेदार के साथ स्कूटी में सवार होकर मतदान केंद्र तक पहुंची। उसने गांव की सरकार चुनने को लेकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। इसके बाद अपने हाथों में लगी हुई नीली स्याही को दिखाकर युवा मतदाताओं को संदेश दिया कि भविष्य के तानेबाने तो हम बाद में भी बुनेंगे, परंतु आज पहले गांव की सरकार चुनेंगे। मताधिकार हमारा संवैधानिक अधिकार

