बोकारो : अवैध खनन के दौरान पर्वतपुर कोल ब्लॉक में चाल धंसने से सुरंग में फंसे चारों कोयला चोर चार दिन बाद सकुशल बाहर आ गये. चारों ने रविवार-सोमवार की देररात तीन बजे हिम्मत दिखायी और खुद सुरक्षित बाहर निकल आये. अमलाबाद ओपी क्षेत्र के तिलाटांड़ गांव निवासी रावण रजवार, लक्ष्मण रजवार, अनादि सिंह और भरत सिंह को सही-सलामत देखकर गांववाले झूम उठे. पटाखे फोड़े गये.
प्रसाद का वितरण किया गया. ग्रामीण इसे चमत्कार मान रहे हैं. यही कारण है कि गांव स्थित काली मंदिर में पूजा-पाठ करने के बाद ही सभी को घर भेजा गया. इससे पहले परिजन दंडवत प्रणाम कर मंदिर तक पहुंचे. खुशी में शामिल होने के लिए तिलाटांड़ गांव ही नहीं, अगल-बगल के दर्जनों गांवों के अलावे बोकारो, झरिया, धनबाद चंदनकियारी से सैकड़ों लोग पहुंचे थे. चारों के निकलने से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली.
26 नवंबर की दोपहर हुई थी घटना :
रावण रजवार, लक्ष्मण रजवार, अनादि सिंह और भरत सिंह 26 नवंबर की सुबह नौ बजे कोयला चोरी के उद्देश्य से खदान में गये थे. दोपहर करीब दो बजे चाल धंस गयी. इससे सुरंग में चारों फंस गये. जानकारी मिलते ही बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने बचाव कार्य शुरू किया. लेकिन सफलता नहीं मिली.
रविवार को रांची से एनडीआरएफ की टीम पहुंची, लेकिन शाम होने के कारण रेस्क्यू कार्य शुरू नहीं हो सका. जैसे-जैसे समय बीत रहा था, ग्रामीणों के साथ परिजनों की आस भी टूट रही थी. रविवार-सोमवार की दरमियानी रात खदान से बाहर निकलने के बाद चारों घर जाने की बजाय काली मंदिर के पास बैठ गये. फिर परिजनों से संपर्क किया.

