दुमका: मसलिया के झिलुवा गांव में शुक्रवार की सुबह मानसिक रूप से बीमार 25 साल के भूतनाथ सोरेन ने जान देने का ऐसा रास्ता चुना की सभी की रूह कांप गई। उसने पहले शरीर में तार बांधा और फिर दूसरे सिरे को 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर फेंक दिया। तार में उतरे करंट के कारण उसका पूरा शरीर जल गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजनों के हवाले कर दिया। भूतनाथ के पिता भगत ने रोते हुए बताया कि बेटे की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। कई जगह इलाज कराया। उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ।
कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि बच्चे की शादी करा दीजिए, शायद उससे उसकी मानसिक स्थिति बेहतर हो जाए। तब एक साल पहले उसकी शादी करा दी। इसके बाद भी उसमें सुधार नहीं आया। शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे ही वह घर से बिना बताए चला गया। कुछ दूर जाकर उसने अपने सीने में तार बांध लिया। उसका दूसरा सिरा हाईटेंशन लाइन पर फेंक दिया। इससे उसकी जान चली गई। उसके घर से निकलने के बाद बहू ने आकर बताया कि पति घर में नहीं हैं। तब उसकी खोज शुरू की। घर से निकले तो कुछ दूर जाने पर चमड़ा जलने की बदबू आई। आसपास देखा तो बेटे का शरीर जल गया था। उसके शरीर पर तार लिपटा हुआ था। तत्काल गांव के लोगों ने लाइन बंद कराई। पुलिस को जानकारी दी। थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा ने बताया कि पिता के बयान पर यूडी केस दर्ज किया गया है। भूतनाथ मानसिक रूप से बीमार था।
