मेयर डॉ आशा लकड़ा की अध्यक्षता में रांची नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक शुक्रवार को हुई. इसमें 2707 करोड़ रुपये का प्रस्तावित्त बजट पारित किया गया. ये राशि रांची नगर निगम में विकास कार्यों में खर्च किए जाएंगे.
इसके अलावा फायर सेफ्टी, हेल्थ सर्विस और एजुकेशन सर्विस के लिए भी राशि खर्च की जाएगी. इससे पूर्व वित्त वर्ष 2021-22 में 2555 करोड़ का बजट पारित किया गया था. वहीं वित्त वर्ष 2021-22 की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में 152 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है.
क्या है बजट में
-वित्तीय वर्ष 2022-23 में रांची नगर निगम ने अपने स्रोतों से 266.66 करोड़ रुपये का आय अनुमानित किया है. इसी प्रकार, अनुमानित आय के विरुद्ध 201.66 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान
-रांची नगर निगम ने कर (Tax) से 104.14 करोड़, निगम की संपत्ति से किराया/शुल्क और उपयोगिता कर के तहत 94.91 करोड़, बिक्री व किराया से 2.98 करोड़, राजस्व अनुदान एवं अंशदान से 49.20 करोड़, बैंक व इन्वेस्टमेंट के तहत ब्याज से 4.96 करोड़, निबंधन शुल्क के तहत 6.06 करोड़ समेत अन्य मदों से 4.41 करोड़ रुपये आय अनुमानित की है.
– इस बार बजट में हेल्थ सर्विसेस, एजुकेशन और इमरजेंसी फायर सर्विस पर भी बजटीय प्रावधान किए गए हैं. इमरजेंसी फायर सर्विस पर 12 करोड़, हेल्थ सर्विसेस पर 30 करोड़ और एजुकेशन सर्विस पर 10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
-फॉगिंग मशीन क्रय करने के लिए 2.50 करोड़ रुपये
– झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 की धारा 105(3) व एकाउंट्स मैनुअल के प्रावधानों के तहत शहरी गरीबों के लिए निगम अपने स्रोतों से अनुमानित आय का 25 प्रतिशत खर्च करता है. इस आधार पर अर्बन पुअर फंड के तहत 53.26 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है
-नाली निर्माण पर 79.10 करोड़, पथ निर्माण पर 149.67 करोड़ और 15वें वित्त आयोग के तहत 105 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है
-वित्तीय वर्ष 2022-23 में वेंडिंग जोन के लिए 26.68 करोड़ रुपये का प्रावधान
-प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 60 करोड़ और एनयूएलएम (राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन) के तहत व्यक्तिगत ऋण, समूह ऋण, कौशल विकास/प्रशिक्षण कार्यक्रम और शहरी गरीबों को संगठित करने के लिए सामुदायिक संरचना के निर्माण पर 13.20 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है.
-रांची नगर निगम ने अपनी आय में वृद्धि के लिए बांड से 200 करोड़ रुपये प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है
-रांची वाटर सप्लाई, स्वच्छ भारत मिशन, सीवरेज एंड ड्रेनेज, सिटी बस, नाली की सफाई के लिए सक्शन मशीन की खरीदारी, अमृत योजना, आपदा प्रबंधन, वार्ड कार्यालय, फुटपाथ, यूरिनल, ट्रैफिक सिस्टम मेंटेनेन्स, डीप बोरिंग, ई-रिक्शा इत्यादि का भी प्रावधान
-सीवरेज के साथ-साथ स्टॉर्म वाटर ड्रेन (बारिश के पानी) को बचाने के लिए भी प्रावधान किया गया है.

