रांची: नगर निगम (RMC) की मेयर आशा लकड़ा ने मंगलवार को रांची के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 80% अधिकारी गायब मिले। दिन के 12 बजे तक अधिकारी अपने-अपने कार्यालय कक्ष से गायब थे। अधिकारियों के संबंधित विभाग के कर्मचारी भी कार्यालय से संबंधित कार्यों को छोड़कर मोबाइल पर व्यस्त नजर आए। अधिकारी कब आएंगे इसकी जानकारी भी किन्हीं को नहीं थी।
इधर जनता 10 बजे से अधिकारियों के आने का इंतजार कर रही थी। नाराज मेयर शाम 5 बजे नगर आयुक्त व उप नगर आयुक्त के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यालय समयावधि में अधिकारियों व कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य करने और गायब रहने वाले अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई की करने का निर्देश दिया है।
पूरे अभियंत्रण शाखा में बस एक अभियंता मिले
मेयर के निरीक्षण के दौरान अभियंत्रण शाखा में सिर्फ अधीक्षण अभियंता रमा शंकर राम उपस्थित थे। सभी अभियंता इस दौरान गायब थे। लेख शाखा व टाउन प्लानिंग के अधिकारी भी गायब मिले। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की मोनोपोली के कारण ही आज रांची नगर निगम गर्त में जा रहा है।
जनता को परेशान कर रहे हैं अधिकारी- मेयर
मेयर ने कहा कि जब अधिकारी ही कार्यालय अवधि में गायब रहेंगे तो कर्मचारी क्या काम करेंगे। शहर की आम जनता अपनी फरियाद व समस्याओं के समाधान को लेकर सुबह 10 बजे से अधिकारियों का इंतजार करते रहते हैं। अधिकारी अपने कार्यालय कक्ष में कब आएंगे, इसकी जानकारी भी उन्हें नहीं दी जाती है। जनता को जानबूझ कर परेशान किया जा रहा है।
10.30 तक सभी अधिकारियों को आना होगा दफ्तर
कहा, पिछले कई दिनों से अधिकारियों व कर्मियों की कार्यशैली की मॉनिटरिंग करने के बाद उन्हें औचक निरीक्षण करना पड़ा। मेयर ने कहा कि सरकारी कार्यालय की कार्यावधि 10:30 बजे से शुरू हो जाती है, लेकिन रांची नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी 12 बजे तक अपने कार्यालय कक्ष में नजर नहीं आते हैं। रांची नगर निगम के 36 शाखाओं में 100 से अधिक कर्मी कार्यरत हैं, जबकि निरीक्षण के दौरान 80 प्रतिशत कर्मी गायब मिले।

