सरायकेला : कोल्हान के सरायकेला-खरसावां जिले में हाथियों का उत्पात जारी है। जंगली हाथी जानमाल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कांड्रा थाना अंतर्गत कांकी जंगल के टुअर डूंगरी पहाड़ी पर अपने तीन बच्चों के साथ पत्ता चुनने गए रायपुर गांव निवासी कालीचरण मार्डी 52 वर्ष की जंगली हाथियों द्वारा कुचल दिए जाने से मौत हो गई। घटना शुक्रवार अहले सुबह 5 से 6 बजे के बीच की बताई गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार कालीचरण मार्डी अपने तीन बच्चों के साथ जंगल के बीच स्थित टुअर डूंगरी पहाड़ पर पत्ता चुनने गया था। इसी दौरान अपनी ओर आते हाथियों के झुंड को देखकर सभी अपनी जान बचाकर भागने लगे। हाथी के झुंड को देखकर तीनों बच्चों ने भागकर अपनी जान बचा ली पर कालीचरण मार्डी भाग नहीं पाया और वह जंगल में ही फंस गया। जंगल में ही हाथियों ने कालीचरण मार्डी को कुचल दिया जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि टुअर डूंगरी पहाड़ सड़क से करीब 700 फीट ऊपर है। बच्चों ने बताया कि वे सभी हाथी को देख कर भाग गए किन्तु उसके पिताजी भाग नहीं पाए। जिस वजह से हाथी ने कुचल दिया। उसने गांव आकर इसकी जानकारी घर के लोगों व अन्य ग्रामीणों को दी। तत्पश्चात इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों तथा कांड्रा थाना प्रभारी को दी गई।
बताते हैं कि घटना की सूचना के बाद वन विभाग के हाथी भगाओ दस्ते को भी तत्काल बुलाया गया। तब तक वहां लोगों की काफी भीड़ जमा हो गई। हाथियों के आतंक और लोगों की भीड़ से कांड्रा – चांडिल मार्ग पर आवागमन लगभग 4 घंटे तक बाधित रहा। घटनास्थल पर पहुंचे सहायक वन संरक्षक पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि इलाका पूरी तरह से जंगली झाड़ियों से ढका हुआ है, जिससे वन कर्मी जंगल के भीतर नहीं पहुंच पा रहे थे। बाद में एक जेसीबी मशीन मंगवा कर रास्ता बनाया गया और हाथियों को पीछे हटाया गया। इसके बाद मृतक की लाश को ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 10 बजे घटनास्थल से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला भेजा गया। स्थानीय पुलिस ने जमा भीड़ को भी तितर-बितर किया और आवागमन सामान्य बनाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से इस पूरे इलाके में हाथियों के झुंड को देखा जा रहा था। झुंड में हाथियों की संख्या लगभग सात बताई जा रही है।

