हजारीबाग: हजारीबाग में पहली बार आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर तीन भाकपा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इनमें दो महिला सहित व एक पुरुष माओवादी का नाम शामिल हैं. एक लाख की इनामी महिला नक्सली उषा किसकु उर्फ उषा संथाली ने भी हथियार डाले हैं. इस बात की जानकारी पुलिस अधीक्षक उपायुक्त सीआरपीएफ कमांडेंट ने संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान बताई. प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक निगम प्रसाद ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्तिक एस द्वारा नई दिशा एक नई पहल योजना के तहत एक वीडियो बनाकर माओवादियों को वापस आओ लाइफ बनाओ नारा देकर आत्मसमर्पण करने को प्रेरित किया है. तीनों नक्सली हजारीबाग, चतरा एवं बोकारो के कैडर से जुड़े हैं.
इनमें एक लाख की इनामी एरिया कमांडर रह चुकी आंगो निवासी उषा किसकु उर्फ़ उषा संथाली, सरिता सोरेन उर्फ ममता संथाली व नागेश्वर गंजू हैं. उषा किसकु के विरुद्ध हज़ारीबाग व चतरा में छह मामले, सरिता के विरुद्ध चतरा और हजारीबाग में 5 मामले और नागेश्वर गंजू के विरुद्ध हजारीबाग में 2 मामले दर्ज हैं. सहायक पुलिस अधीक्षक श्री प्रसाद ने बताया कि पूर्ण आवास नीति के तहत इनाम की राशि, रहने की जगह ना हो तो 4 डिसमिल जमीन और घर ना होने पर इंदिरा आवास के तहत मकान भी दिया जाता है. तीनों माओवादी सदस्यों को मुख्यधारा से जुड़ने के बाद उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं 203 सीआरपीएफ कमांडेंट राजीव कुमार ने बुके, शॉल व चेक देकर सम्मानित किया.
सभी को संबोधित करते हुए उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद ने बताया कि तीनों ही बहुत ही कम उम्र के लग रहे हैं जो स्कूल जाने की उम्र में किसी के बहकावे में आकर असामाजिक तत्वों से जुड़ गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग सौभाग्यशाली हैं कि असामाजिक कार्यों को छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हुए बेहतर जीवन गुजार सकेंगे.

