रांची: राज्य के 300 से अधिक रिसोर्स शिक्षक और थेरेपिस्ट अपनी मांगों को लेकर आगामी 14 दिसंबर से विधानसभा के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना पर बैठेंगे. यह निर्णय बुधवार को झारखंड रिसोर्स शिक्षक/थेरेपिस्ट संघ की वर्चुअल मिटींग में लिया गया. यह मीटिंग संघ के अध्यक्ष गिरिधारी महतो की अध्यक्षता में हुई. पूरे राज्य के 300 रिसोर्स शिक्षक और थेरेपिस्ट बीते सात वर्षों से लंबित मांगों को लेकर गहन विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है.
संघ की ओर से इसकी सूचना अनुमण्डल पदाधिकारी रांची, राज्य परियोजना निदेशक, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं संबंधित थाने में दी गयी है.संघ के अध्यक्ष गिरिधारी महतो ने कहा कि 14 दिसंबर से पूरे राज्य के रिसोर्स शिक्षक और थेरेपिस्ट विधानसभा के समक्ष धरना प्रदर्शन करेंगे.
उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि, पीएफ कटौती, चिकित्सा व यात्रा भत्ता, सेवा नियमितीकरण, ई एल की सुविधा जैसी मांगों को ले कर 2016 व 2019 में तीन बार रांची में धरना दिया गया.इसके बाद सरकार के साथ हुई समझौता में मांगों पर विचार करने का वादा किया गया पर आज तक लागू नहीं किया गया है. इस बार करो या मरो के तर्ज पर आंदोलन होगा और जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

