रांची: 1987 बैच के झारखंड कैडर के आइपीएस अधिकारी व झारखंड के पूर्व प्रभारी डीजीपी एमवी राव गुरुवार को सेवानिवृत्त हो गए। रांची के जैप ग्राउंड में होमगार्ड डीजी एमवी राव की विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यहां विभाग की ओर से विदाई दी गई। विदाई समारोह जैप 1 डोरंडा में आयोजित किया गया। विदाई समारोह में डीजीपी नीरज सिन्हा सहित पुलिस के अन्य अधिकारी शामिल हुए हैं। एमवी राव फिलहाल होमगार्ड डीजी सह अग्निशमन के महासमादेष्टा हैं। विदाई समारोह में डीजी एमवी राव को परेड की सलामी दी गई और स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। एमवी राव ने मौके पर मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों व जवानों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।
अपनी विदाई के मौके पर एमवी राव ने बताया कि पुलिस का काम टीम वर्क का है। वे जहां भी पदस्थापित रहे, वहां उनकी टीम ने उनका भरपूर सहयोग किया। राव के अनुसार उनका 34 साल का पुलिस करियर बहुत चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान 27 बार मेरी पोस्टिंग भी हुई। बिहार-झारखंड का पुलिस बल एक योग्य फोर्स है, जो बेहतर काम करते हैं। 1990 में जब वे भागलपुर में एएसपी थे, तब माफिया गैंग के साथ एनकाउंटर हुआ था। उस दौरान एक गोरखा जवान लच्छु छेत्री ने अपने सीने में गोली खाकर उनकी जान बचाई थी। वे आज भी लच्छु छेत्री के आभारी हैं। राव के अनुसार उन्होंने अपने करियर में सिर्फ कानून का पालन किया। कभी भी किसी के दबाव में में नहीं आए।
डीजीपी नीरज सिन्हा ने एमवी राव की विदाई को लेकर कहा कि उनदोनों ने एक साथ करियर की शुरुआत की। दोनों ही 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। उन्हें हमेशा राव का साथ मिला है। पुलिस संगठन के लिए राव ने बेहतर काम किया है। एमवी राव के बेटे-बेटी और दामाद सभी आइपीएस हैं। यह साबित करता है कि राव ने पुलिस की नौकरी में रहते हुए भी अपनी पारिवारिक जिम्मेवारियों को बखूबी निभाया है।

