आपको यह जानकर हैरानी होगी कि झारखंड राज्य के 285 लोग देश-विदेश में सक्रिय प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं. इसका खुलासा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) द्वारा तैयार एक खुफिया रिपोर्ट में किया गया है. संदिग्ध लोगों की सूची में वैसे आतंकियों के नाम शामिल हैं, जो पूर्व में किसी आतंकी घटना में शामिल होने के आरोप में जेल जा चुके हैं या उन पर केस दर्ज है. या फिर वह वर्तमान में बरी होकर या जमानत पर बाहर आ चुके हैं. इन लोगों की गतिविधियों पर समय-समय पर एटीएस के द्वारा निगरानी रखने का भी काम किया जाता है. इसलिए एटीएस द्वारा इनके नाम के अलावा पूरा पता, पिता का नाम और उनके मोबाइल नंबर आदि भी एकत्र करके रखे गये हैं.
इन आतंकी संगठनों से जुड़े हैं झारखंड के लोग
एटीएस की रिपोर्ट के अनुसार झारखंड में रहनेवाले लोगों का नाम अब तक जिन आतंकी संगठन से जुड़कर सामने आ चुका है, उनमें इंडिया मुजाहिद्दीन से लेकर सिम्मी, लश्कर-ए-तैयबा, एक्यूआइएस, आइएसआइएस सहित अन्य आतंकी संगठन शामिल हैं. एटीएस की पूरी रिपोर्ट विभिन्न आतंकियों की झारखंड या राज्य के बाहर से गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ में आये संदिग्ध लोगों के नाम और पते के आधार पर तैयार की गयी है.
पाकुड़ जिले से सबसे अधिक संदिग्ध मिले
राज्यभर के 285 लोगों में से सबसे अधिक पाकुड़ जिले के 113 लोग आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं. राजधानी रांची की बात करें तो, यहां से कुल 49 लोग आतंकी संगठनों में शामिल हैं. वहीं बोकारो, खूंटी, लातेहार, चतरा और गोड्डा से सबसे कम 1-1 लोग देश-विदेश में सक्रिय आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं.
पाकुड़ और साहेबगंज में फैल रहा पीएफआइ का जाल
रिपोर्ट के अनुसार आतंकी संगठन पीएफआइ का जाल सबसे ज्यादा पाकुड़ और साहेबगंज में फैला हुआ है. दूसरे आतंकी संगठन एक्यूआइएस ने रांची, हजारीबाग, लोहरदगा और जमशेदपुर में अपना जाल फैला रखा है. इसी तरह सिम्मी से जुड़े सर्वाधिक संदिग्ध रांची, हजारीबाग, लोहरदगा और जमशेदपुर में हैं. आइएसआइएस का जाल हजारीबाग, लोहरदगा, गढ़वा, गोड्डा और जमशेदपुर में है. लश्कर-ए-तैयबा हजारीबाग और जमशेदपुर में पैर फैलाने की कोशिश में लगा है. आइवाइएफ हजारीबाग और रामगढ़ में युवाओं को बरगला रहा है. हिज्ब उत तहरीर की मौजूदगी इस समय खूंटी और धनबाद में दिख रही है.