त्योहारी सीजन से पहले झारखंड सरकार ने राज्य के दूध उत्पादकों को बड़ा तोहफा दिया है। झारखंड मिल्क फेडरेशन को आपूर्ति करने वाले ग्रामीण दूध उत्पादकों को दूध के लिए एक रुपये प्रति लीटर की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि झारखंड मिल्क फेडरेशन के माध्यम से किसानों के खाते में भेजी जाएगी। सरकार की तरफ से पहली बार इस तरह की व्यवस्था की जा रही है।
राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 40 हजार रजिस्टर्ड दूध उत्पादकों को इसका लाभ मिलेगा। फिलहाल इन उत्पादकों से रोज लगभग 1.25 लाख से डेढ़ लाख लीटर दूध का उठाव फेडरेशन करता है। इसकी शुरुआत 30 अगस्त से होगी। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने इसकी घोषणा 1 जून को की थी।
इसके अलावा सरकार ने मवेशी पालकों को KCC से जोड़ने का ऐलान किया है। यह प्रोत्साहन रासि दूध उत्पादकों को दूध के बदले अभी मिल राशि से अलग होगी। यह राशि सीधे उनके अकाउंट में भेजी जाएगी।
2022 तक 29.13 लाख मिट्रिक टन दूध उत्पादन का है लक्ष्य
सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक अलग राज्य बनने के बाद झारखंड में 2001 में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 96 ग्राम दूध उपलब्ध था। इस समय यह 190 ग्राम है। अब नया लक्ष्य 210 ग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दूध उपलब्धता प्राप्त करने का रखा गया है। इसके लिए दूध उत्पादन चालू वित्त वर्ष के दौरान 29.13 लाख मैट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

