75 लाख के इनामी भाकपा माओवादी के शीर्ष नेताओं में से एक संदीप यादव (55) की संदिग्ध मौत हो गई है। संदीप पर झारखंड सरकार ने 50 लाख तो बिहार सरकार ने 25 लाख का इनाम रखा था। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में उसकी दहशत थी। गया में 4 लोगों को फांसी देने के बाद वो हिट लिस्ट में था।
संदीप के शव के हाथ-पैर बंधे हुए थे। उसकी मौत कैसे हुई ये अभी साफ नहीं हो पाया है। संदीप यादव के घर के पुरुष सदस्यों का कहना है कि मौत दवा के रिएक्शन की वजह से हुई। उसकी बॉडी परिवार के लोग देर रात घर पर लेकर आए।
एसएसपी हरप्रीत कौर का कहना है कि संदीप यादव की मौत की सूचना मिली है, लेकिन मृतक संदीप यादव ही है या फिर कोई और इस बात की पुष्टि अभी नहीं की जा सकती है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है। उनके द्वारा कंफर्म किए जाने के बाद ही उसकी मौत की पुष्टि की जाएगी।
संदीप यादव पर 500 केस दर्ज थे। CRPF के सूत्रों से स्पष्ट कर दिया है कि संदीप यादव की मौत हो चुकी है। उसका कहना है कि बीते दिनों हुए बम ब्लास्ट में घायल हो गया था। उसके बाद से वह काफी डरा हुआ था। उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। हालांकि, देर रात पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया था।
बता दें कि संदीप यादव मूल रूप से जिले के बांकेबाजार प्रखंड के बाबू राम डीह गांव का रहने वाला था। वह कम उम्र से ही नक्सली संगठन से जुड़ गया था। जुड़ने के बाद उसने भाकपा माओवादी के बैनर तले एक से बढ़ कर एक दिल दहला देने वाली नक्सली वारदात को अंजाम दिया। वह अक्सर सीआरपीएफ और पुलिस बल पर ही हमला बोला करता था। उसके हमले में कई पुलिस वालों की जान जा चुकी थी।

