झारखंड सरकार ने हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला स्थित लंबर क्षेत्र में झारखंड के मजदूरों के साथ मारपीट की घटना पर संज्ञान लिया है. सीएम हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम विभाग के राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के पदाधिकारियों ने किन्नौर के लंबर में स्थित नोरवेन कंपनी के मालिक धर्मेंद्र राठी से बातचीत की. वहीं, राज्य के मजदूरों के साथ मारपीट की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने मजदूरों को राहत पहुंचाने के लिए कंपनी से कहा है. बता दें कि नोरवेन वहीं कंपनी है जिसमें झारखंड के मजदूर काम करने गये थे.
इस संबंध में कंपनी के मालिक धर्मेंद्र राठी ने जानकारी दी है कि घटना में घायल हुए मजदूरों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है. कंपनी झारखंड के उन मजदूरों को, जो वापस लौटना चाहते हैं, आवेदन देने को कहा है. इसके तहत पहले समूह के 16 मजदूरों को वापस झारखंड भेजने के लिए ट्रेन टिकट की व्यवस्था की गयी है. ये मजदूर झारखंड आने के लिए ट्रेन में बैठ गये हैं. सभी मंगलवार को कोडरमा पहुंचेंगे. वहां से बस से वापस अपने गृह जिला खूंटी लौटेंगे.
वहीं, कंपनी ने मजदूरों को एक माह का वेतन और बकाया उनके बैंक खाते में भेजने की मांग कंपनी ने स्वीकार कर ली है. कंपनी ने कहा है कि झारखंड के जो भी मजदूर वापस घर लौटना चाहते हैं, वे आवेदन दें. कंपनी समूह उनके लौटने की व्यवस्था करेगी.
इधर, मारपीट की घटना के बाद मामले में किन्नौर में FIR दर्ज किया गया है. इस पर भी पहल कर समझौता कराने का प्रयास किया जा रहा है. कंपनी की ओर से कहा गया है कि बीते 40 वर्षों से झारखंड के मजदूर हिमाचल प्रदेश में आकर काम करते रहे हैं और झारखंड के मजदूरों के साथ उनकी सहानुभूति है. वे झारखंड सरकार से इस मामले में सहयोग करते रहेंगे.
बता दें कि झारखंड के खूंटी सहित अन्य जिलों के 150 मजदूर हिमाचल प्रदेश में काम करने गये थे. पिछले दिनों किसी बात पर विवाद होने पर वहां के स्थानीय मजदूरों ने झारखंड के मजदूरों की पिटाई कर दी थी. इसमें झारखंड के दो- तीन मजदूरों की हालत गंभीर बतायी जा रही है, जिनका इलाज हिमाचल प्रदेश के अस्पताल में चल रहा है.
इधर, वापस लौट रहे मजदूरों ने राहत की सांस ली है. उन्होंने घर वापसी पर पहल करने के लिए सीएम श्री सोरेन और श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता सहित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के प्रति आभार जताया है.

