पलामू: जिले के हरिहरगंज के मेन रोड स्थित संजीवनी हॉस्पिटल सह कोविड सेंटर की बिजली को विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा रविवार को अचानक काट दी गयी. इससे हॉस्पिटल में भर्ती एक दर्जन मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गयी. जिसके बाद वेंटिलेटर पर चल रहे एक मरीज को तत्काल एमएमसीएच मेदिनीनगर रेफर किया गया.
इस संबंध में हॉस्पिटल के संचालक सह चिकित्सक डॉ अरविंद कुमार ने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे बगैर पूर्व सूचना दिए हुए बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा हॉस्पिटल की बिजली काट दी गयी. उस समय एक मरीज वेंटिलेटर पर था. जिसे तत्काल मेदिनीनगर रेफर किया गया. वही आधा दर्जन से अधिक मरीजों को छुट्टी दे दी गयी.
उन्होंने बताया कि यह करवाई विद्युत विभाग की घोर लापरवाही को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करने के लिए प्रखंड में यह एकमात्र संस्थान है. जिसमें लगभग 7 माह से आयुष्मान भारत द्वारा किए गए इलाज का भुगतान अभी नहीं मिला है. इस हॉस्पिटल से कोरोना काल में अनेक लोगों का इलाज भी किया गया. साथ ही कई लोग कोरोना संकट से ठीक हुए.
उन्होंने बताया कि अगर बिजली बिल बकाया है, तो उसका भुगतान किया जाएगा. परंतु आपात स्थिति वाले संस्थान में बगैर किसी सूचना दिए बिजली काट देना घोर निंदनीय है. उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग की इस कार्रवाई की शिकायत सीएस पलामू सहित वरीय अधिकारियों से की जाएगी.
इधर, इस संबंध में विद्युत विभाग का कहना है कि जिन-जिन संस्थानों का बिजली बिल बकाया है और चोरी की बिजली जलाई जा रही है. उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. बिजली कनेक्शन काटने के साथ-साथ फाइन लगाया जा रहा है. इसी क्रम में संजीवनी हॉस्पिटल सह कोविड केयर सेंटर की बिजली बिल बकाया रहने के कारण कनेक्शन काट दिया गया. विद्युत विभाग नियम संगत कार्रवाई किया है. पूर्व में कई बार संस्थान को बिजली बिल जमा करने के लिए आगरा किया गया था, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया.

