रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों को अलर्ट किया है। सीएम ने अधिकारियों से कहा है कि वह ओमिक्रोन से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें और इसे गंभीरता से लें। मुख्यमंत्री गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में ओमिक्रोन से निपटने को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारियों से अबतक की तैयारियों के बारे में जानकारी ले रहे थे।
इस क्रम में उन्होंने कहा कि ओमिक्रोन के संक्रमण को रोकने के लिए दूसरे देशों से लौट रहे लोगों की अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर जांच कराई जाय। सैंपल पाजिटिव पाए जाने पर अविलंब उसे जीनोम सिक्वेंसिंंग के लिए ओडिशा के भुवनेश्वर भेजें।
ओमिक्रोन राज्य में पैर नहींं पसार सके, इसके लिए न केवल सतर्कता बरतें
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि ओमिक्रोन राज्य में पैर नहींं पसार सके, इसके लिए न केवल सतर्कता बरतें, बल्कि इससे निपटने की भी पूरी तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रोटोकाल का हर हाल में पालन हो। उन्होंने संक्रमण से बचने के लिए टीकाकरण को सबसे बड़ा हथियार बताते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही हर हाल में अगले साल 20 जनवरी तक वयस्कों का शत-प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया।
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में शत-प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है, वहां के माडल की जानकारी लेकर एक बेहतर कार्ययोजना बनाई जाय। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए उन्होंने राज्य के प्रत्येक पंचायत में स्थायी वैक्सीनेशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश देते हुए वहां टीम प्रतिनियुक्त करने को कहा। साथ ही गांवों में घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को वैक्सीन की पहली और दूसरी डोज लगाई जाय।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव ङ्क्षसह, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार ङ्क्षसह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, आपदा सचिव अमिताभ कौशल, एनआरएचएम के निदेशक रमेश घोलप आदि उपस्थित थे।

