चंदवा के चकला पंचायत में जंगली हाथी लगातार उपद्रव मचा रहा है। जंगली हाथी के गुस्से की वजह लोगों को समझ नहीं आ रही। सात फरवरी, सोमवार की अहले सुबह जंगली हाथी अचानक से चकला के अम्बाटांड़ पहुंचा। गांव के अनिल उरांव, गिल्ली उरांव और झमनी देवी का घर क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीण बताते हैं कि हाथी दिन को घने जंगल के बीच कहीं छुप जाता है। रात होते ही गांव पहुंचता है और उपद्रव मचाना शुरू कर देता है। लोगों के घर को क्षतिग्रस्त कर देता है। घर में रखे अनाज को चट कर जाता है। यदि लोग उसे भगाने का प्रयास करते हैं तो वह उन्हें ही मारने को दौड़ता है। वन विभाग और स्थानीय लोगों के अथक प्रयास के बाद भी वह यहां जमा हुआ है। वन विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर इस मुसीबत से पार कैसे पाया जाए। अकेले हाथी को भगाना चुनौती बन गई है। जंगली हाथी के डर से ग्रामीण घर के बाहर किसी सुरक्षित स्थान में शरण लेना पड़ रहा है। घर के अनाज को बचाने के लिए उन्हे गांव से बाहर रखना पड़ रहा है।

