भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होने वाले सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड (CCL) की चतरा स्थित मगध आम्रपाली एरिया के आम्रपाली परियोजना से 83.63 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केस दर्ज कर लिया है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग में यह केस पंजीकृत किया है। CBI के रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में गत 17 अगस्त 2021 को दर्ज प्राथमिकी व जांच में आए तथ्यों के आधार पर मामला पंजीकृत किया गया है। घोटाले का यह मामला करीब एक सौ करोड़ तक पहुंच सकता है।
कुछ ऐसा है पूरा मामला
CBI रांची व CCL की जांच टीम के औचक निरीक्षण में चतरा के मगध आम्रपाली एरिया स्थित आम्रपाली परियोजना के स्टॉक से आठ लाख 75 हजार 774 मिट्रिक टन कोयला गायब मिला था। इससे CCL को करीब 83 करोड़, 63 लाख, 64 हजार, 471 रुपये का घाटा हुआ था। जांच में पुष्टि के बाद CBI की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गत वर्ष 17 अगस्त 2021 को आम्रपाली परियोजना के प्रोजेक्ट अधिकारी, मैनेजर, सीनियर मैनेजर सहित सात नामजद व अन्य अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी।

